एसीबी ने शराब घोटाला मामले में जेएसबीसीएल महाप्रबंधक समेत तीन को किया गिरफ्तार, अधिकारियों की संपत्ति होगी जाँच 

Facebook
Twitter
WhatsApp
Telegram
रांची ।  भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की कार्रवाई जारी है। शराब घोटाले से जुड़े लोगों की तलाश जारी है। आज एसीबी ने बहुचर्चित शराब घोटाले में झारखंड राज्य बिवरेज कॉरपोरेशन के महाप्रबंधक, संचालन सह वित्त सुधीर कुमार, कॉरपोरेशन के महाप्रबंधक वित्त सुधीर कुमार और मार्शन नोवेटिव सिक्युरिटी प्राइवेट लिमिटेड के के स्थानीय प्रतिनिधि नीरज सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया। नीरज कुमार सिंह पर छत्तीसगढ़ की कंपनी के साथ मिल कर शराब घोटाले को अंजाम देने का आरोप है।
राज्य में शराब घोटाला मामले में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत जांच कर रहे भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) का घेरा आरोपितों पर लगातार कस रहा है। मंगलवार, 20 मई को उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के पूर्व प्रधान सचिव सह झारखंड राज्य विबरेजेज कारपोरेशन लिमिटेड (जेएसबीसीएल) के पूर्व प्रबंध निदेशक विनय कुमार चौबे व संयुक्त आयुक्त उत्पाद गजेंद्र सिंह को एसीबी ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
अब इन दोनों अधिकारियों सहित विभाग के अन्य अधिकारियों की चल-अचल संपत्ति का आकलन करने में भी एसीबी की टीम जुटी है। इन अधिकारियों पर आरोप है कि इनलोगों ने पद का दुरुपयोग करते हुए प्लेसमेंट एजेंसियों के चयन की विहित प्रक्रिया व प्रविधानों को ताक पर रखा। इन अधिकारियों ने आपराधिक मिलीभगत से जालसाजी कर प्लेसमेंट एजेंसियों को लाभ पहुंचाया। इससे राज्य सरकार को लगभग 38 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा। 

अब एसीबी इन अधिकारियों से यह हिसाब लेगा कि जालसाजी से हुई उगाही के रुपये किसके हिस्से में कितना बंटा। नुकसान केवल 38 करोड़ रुपये का है या राशि इससे अधिक है। एसीबी को प्रथम दृष्टया छानबीन में यह पता चला है कि उत्पाद विभाग में रहते हुए इन अधिकारियों ने प्लेसमेंट एजेंसियों के संचालकों के साथ मिलीभगत कर बड़ी मात्रा में जालसाजी की है।  जालसाजी की राशि एक अरब तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। जिन प्लेसमेंट एजेंसियों को इन अधिकारियों ने लाभ पहुंचाया था, उन्हें बाद में नियम व शर्तों का अनुपालन नहीं करने पर राज्य सरकार ने ब्लैकलिस्ट करते हुए उनकी बैंक गारंटी को जब्त किया था।

हालांकि, उसके बाद भी जिन प्लेसमेंट एजेंसियों का चयन हुआ, उनमें में भी कइयों के साथ इन अधिकारियों की मिलीभगत हुई। बाद में भी हुए खेल की जानकारी के लिए एसीबी के अधिकारी छानबीन में जुटे हुए हैं।  एसीबी के अधिकारियों की टीम गिरफ्तार विनय चौबे व गजेंद्र सिंह के आय-व्यय का ब्यौरा भी खंगालने में जुटी है। करीब दस वर्षों के चेक पीरियड में उन्हें वैध स्रोत से कितने आय हुए और इस अवधि में उन्होंने कितना व्यय किया, इसका भी डेटा खंगाला जा रहा है।

जल्द ही एसीबी के अधिकारी विनय चौबे व गजेंद्र सिंह के बैंक खातों को खंगालेंगे, जिससे उनके खाते में आए धन का पता लगा सकें। उनके पैनकार्ड, उनकी सरकार को घोषित की गई चल-अचल संपत्ति का भी अध्ययन करेंगे। यह भी जानकारी जुटाई जा रही है कि इस अवधि में इन अधिकारियेां ने कहां-कहां चल-अचल संपत्ति अर्जित की है।       

kelanchaltimes
Author: kelanchaltimes

Leave a Comment

Kelanchaltimes हिंदी के साथ रहें अपडेट

सब्स्क्राइब कीजिए हमारा डेली न्यूजलेटर और पाइए खबरें आपके इनबॉक्स में

और खबरें

सर्पदंश से 35 वर्षीय युवक की मौत, झाड़-फूंक में बीता समय; इलाज में हुई देरी

महागामा: प्रखंड क्षेत्र के गढ़ी गांव में रविवार को सर्पदंश से 35 वर्षीय युवक राजेश रजक की मौत हो गई। मृतक गढ़ी गांव निवासी उपेंद्र

बसंतराय के चेकडैम में डूबने से 15 वर्षीय बच्चे की मौत, दो बच्चों को ग्रामीणों ने बचाया

बसंतराय: प्रखंड क्षेत्र के जमनीकोला पंचायत अंतर्गत कुम्हराकोल गांव स्थित चेकडैम में रविवार को नहाने के दौरान तीन बच्चे डूब गए। बच्चों को डूबता देखकर

गेरुवा नदी के बढ़ते जलस्तर से सनौर पुल पर मंडरा रहा खतरा, तेज बहाव से बढ़ी चिंता

बसंतराय: कई दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण झारखंड और बिहार की सीमा से होकर बहने वाली गेरुवा नदी का जलस्तर बढ़

पाकुड़ में डॉ. तनवीर आलम ने SIR और मतदाता सूची पर उठाए सवाल, IT सिस्टम के ऑडिट की मांग

पाकुड़: झारखंड प्रदेश कांग्रेस महासचिव डॉ. तनवीर आलम ने शनिवार को पाकुड़ जिला कांग्रेस कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण