धनबाद: जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा पर्यटकों की हत्या के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया था, जिसके तहत भारत ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर हमला किया. जिसके जवाब में पाकिस्तान की तरफ से हमला हुआ. जिसका भारतीय सैनिकों ने करारा जवाब दिया. ऑपरेशन सिंदूर के तहत जम्मू कश्मीर में तैनात 120 बटालियन बीएसएफ जवान राजेश कुमार ने भी अपनी वीरता का परिचय देते हुए पाकिस्तान की सेना को जवाब दिया था, जिसमें बीएसएफ जवान घायल भी हो गए थे. 6 गोलियां उनके पैर में लगी थीं. गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद वह डटे रहे.मेडिकल छुट्टी में आए बीएसएफ जवान का गोमो रेलवे स्टेशन पर स्थानीय लोगों ने भव्य स्वागत किया. उसके बाद वह अपने घर पहुंचे. बीएसएफ जवान राजेश कुमार का ससुराल गोमो में है, जहां वह रेलवे की जमीन पर एक कमरे वाले घर में रहते हैं. वह अपने पूरे परिवार से मिले. पत्नी सहित पूरा परिवार इस पल में भावुक हो गया. बीएसएफ जवान का पत्नी ने स्वागत किया, जवान ने भी पत्नी को सिंदूर लगा अपना स्नेह दिया.वहीं बीएसएफ जवान ने कहा कि युद्ध के दौरान कई गोलियां उन्हें लगी, लेकिन वह पाकिस्तान की सेना पर गोलियां बरसाते रहे. पत्नी ने कहा कि उन्हें गर्व है कि वह फौजी की पत्नी हैं. युद्ध के दौरान थोड़ी चिंता जरूर हो रही थी साथ ही गर्व भी हो रहा था. इस अवसर पर बीएसएफ जवान के बेटे ने कहा कि पिता की तरह वह भी सेना में जाना चाहता है और वहां जाकर देश की सेवा करेगा.

डीएसपीएमयू में प्रशासनिक व अकादमिक समन्वय पर जोर, कुलपति डॉ राजीव मनोहर ने की दो महत्वपूर्ण बैठकें
डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ राजीव मनोहर ने विश्वविद्यालय के विभिन्न प्रशासनिक और अकादमिक संभागों के साथ नियमित बैठक और संवाद को




