स्कूली शिक्षा प्राप्त करने के बाद युवाओं मिलेगा रोजगार : सीएम

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रांची: झारखंड के विद्यार्थी एचसीएल जैसी कंपनी में तकनीकी ज्ञान ले सकेंगे. राज्य सरकार ने एचसीएल टीएसएस के साथ करार पर हस्ताक्षर किया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग और एचसीएल टेक के बीच प्लेसमेंट लिंक्ड बेस्ड प्रोग्राम ‘टेक बी’ के लिए एमओयू हुआ है.  राज्य सरकार के द्वारा एचसीएल टीसीएस के साथ हुए करार का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि स्कूल से निकलते ही इन विद्यार्थियों को ट्रेनिंग के साथ-साथ रोजगार मिलेगा. एमओयू कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जो इकरारनामा हुआ है, इसका उद्देश्य है कि स्कूली शिक्षा प्राप्त करने के बाद युवाओं को कैसे करियर बनाया जाए, जिससे वे अपने पैरों पर खड़ा हो सके. कोई डॉक्टर बनकर, इंजीनियर, साइंटिस्ट तो कोई पत्रकार बनकर अपना करियर बनाते हैं. इसी तरीके से आप भी स्कूल शिक्षा पूरा करने के बाद तुरंत कैसे करियर बनाए यह अवसर प्रदान करेगा. मुख्यमंत्री ने सरकार द्वारा चलाए जा रहे गुरुजी क्रेडिट कार्ड से शिक्षा ग्रहण करने में मिल रही आर्थिक सहायता की सराहना करते हुए युवाओं से कहा कि अब बगैर कोई परेशानी के आप बैंक से गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना के जरिए शिक्षा ऋण प्राप्त कर सकते हैं.  टेक बी कार्यक्रम के तहत 12वीं पास विद्यार्थियों को सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में करियर बनाने हेतु प्रशिक्षण के साथ जॉब और उच्च शिक्षा के लिए अवसर मिलेंगे. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान यह सहमति बनी. झारखंड मंत्रालय में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के अलावे शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन मुख्य सचिव अलका तिवारी शिक्षा सचिव उमाशंकर सिंह और एचसीएल के अधिकारी मौजूद थे.योजना के मुताबिक झारखंड के 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होने वाले छात्र-छात्राओं में से प्रतिवर्ष 500 चयनित विद्यार्थियों को एचसीएल टीसीएस के ‘टेक बी’ में नामांकन कराया जाएगा. 12 महीने के इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में 12वीं पास वैसे छात्र शामिल हो सकेंगे, जिन्होंने जैक बोर्ड की परीक्षा में न्यूनतम 60% अंक या सीबीएसई-आईसीएसई बोर्ड परीक्षा में न्यूनतम 70% अंकों के साथ साइंस और गणित के साथ पास की हो. चयनित विद्यार्थियों को लखनऊ, नोएडा, मदुरई, विजयवाड़ा में से किसी एक स्थान पर 6 महीने की आवासीय ट्रेनिंग करनी होगी. इसके अतिरिक्त 6 महीने का प्रशिक्षण नोएडा, लखनऊ, मदुरई, विजयवाड़ा, चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरु, नागपुर में से किसी एक स्थान पर करना होगा.

इस अवधि में एचसीएल टीएसएस द्वारा अभ्यर्थियों को 10,000 रुपये प्रति महीने की दर से छात्रवृत्ति प्रदान किया जाएगा. प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर अभ्यर्थियों को कंपनी के द्वारा नौकरी भी दी जाएगी. इसके अलावा अभ्यर्थियों को उच्च शिक्षा के लिए कंपनी द्वारा विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और विश्वविद्यालय में अवसर प्रदान किए जाएंगे. प्रशिक्षण के लिए अभ्यर्थियों को डेढ़ लाख रुपये खर्च करना होगा.

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