रांची: झारखंड की राजधानी रांची को देश के सबसे स्वच्छ शहरों की फेहरिस्त में ऊपर लाने के लिए रांची नगर निगम अब ‘मिशन मोड’ में उतर गया है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के 10वें संस्करण की तैयारियों को लेकर निगम प्रशासक श्री सुशांत गौरव ने एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य शहर को ‘गार्बेज फ्री’ (कचरा मुक्त) बनाने के लिए कमियों की पहचान करना और उन्हें दूर करना था।
माइक्रो लेवल मॉनिटरिंग पर जोर
प्रशासक ने स्पष्ट निर्देश दिया कि स्वच्छता अब केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि शहर की जीवन गुणवत्ता सुधारने का अभियान है। इसके लिए सभी विभागों को माइक्रो लेवल मॉनिटरिंग सुनिश्चित करनी होगी।
डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के नए नियम
शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए निगम ने नई रणनीति तैयार की है:
- बीट प्लान: ट्रंक रूट और गलियों के लिए विशेष प्लानिंग की जाएगी।
- अनिवार्य जिंगल: कचरा उठाने वाली गाड़ियों का समय निर्धारित होगा और उनमें जिंगल बजाना अनिवार्य होगा ताकि नागरिक सतर्क हो सकें।
- कचरा पृथक्करण: घरों और संस्थानों से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग (Source Segregation) लेना प्राथमिकता होगी।
- ऑन-साइट निस्तारण: होटल और बड़े अपार्टमेंट्स (Bulk Waste Generators) को अपने गीले कचरे का निपटारा परिसर में ही करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
शौचालयों की सफाई और डिजिटल फीडबैक
‘एक्सेस टू सैनिटेशन’ के तहत शहर के सभी सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालयों की व्यवस्था सुधारी जाएगी:
- तीन शिफ्ट में सफाई: शौचालयों की साफ-सफाई अब तीनों शिफ्टों में सुनिश्चित की जाएगी।
- QR कोड सिस्टम: नागरिक फीडबैक के लिए शौचालयों में QR कोड लगाए जाएंगे, जिससे सीधे शिकायत या सुझाव दिए जा सकेंगे।
- सौंदर्याकरण: शहर के ‘गार्बेज वल्नरेबल पॉइंट्स’ (कचरा डंप करने वाली जगहें) को पूरी तरह समाप्त कर वहां सौंदर्याकरण किया जाएगा।
प्रशासक की अपील और हेल्पलाइन
प्रशासक श्री सुशांत गौरव ने रांची वासियों से अपील की है कि बेहतर रैंकिंग के लिए जनसहभागिता जरूरी है। उन्होंने नागरिकों से घरों में कचरा अलग करने का आग्रह किया है।
स्वच्छता संबंधी शिकायत के लिए संपर्क करें: टोल-फ्री नंबर: 1800-570-1235




