जिला पंचायत संसाधन केंद्र, कटिहार में आगामी 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर प्रशिक्षण सह जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य राजीनामा योग्य यानी समझौते योग्य मामलों का सरल, त्वरित और सौहार्दपूर्ण तरीके से निष्पादन कराने के संबंध में आम लोगों को जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान पैनल अधिवक्ता धनंजय कुमार झा ने आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में शमनीय प्रकृति के उन वादों को प्रस्तुत करने के लिए लोगों को प्रेरित किया, जो न्यायालय अथवा ग्राम कचहरी में लंबित हैं। उन्होंने कहा कि पक्षकार ठोस सुलह प्रस्ताव के साथ अपने मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत की न्याय पीठ के समक्ष प्रस्तुत कर आपसी समझौते के आधार पर वादों का निष्पादन करा सकते हैं। उन्होंने पंचायत स्तर पर आम लोगों को इस संबंध में जागरूक करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
इसके बाद उप-मुख्य न्याय रक्षक देव कुमार झा ने राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने लोक अदालत की प्रक्रिया और इसके माध्यम से मामलों के निपटारे के महत्व को बताया।
मुख्य न्याय रक्षक विजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत विवादों के त्वरित, सरल और निःशुल्क समाधान का प्रभावी माध्यम है। इसमें आपसी सहमति के आधार पर मामलों का निपटारा किया जाता है। इससे पक्षकारों के समय और धन की बचत होती है तथा न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ भी कम होता है। उन्होंने आम नागरिकों से लोक अदालत की सुविधा का लाभ उठाने के लिए जागरूक होने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव कमलेश सिंह देऊ ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों को बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामलों के शीघ्र और सौहार्दपूर्ण निष्पादन के लिए व्यापक जागरूकता जरूरी है। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को लोक अदालत की प्रक्रिया, लाभ और महत्व की जानकारी दी जानी चाहिए।
उन्होंने इसके लिए विधिक जागरूकता शिविर, ग्राम सभाओं, रैली, पोस्टर, पंपलेट, बैनर और सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया। लोगों को यह जानकारी देने की आवश्यकता है कि लोक अदालत में मामलों का निपटारा आपसी सहमति से सरल, त्वरित और निःशुल्क तरीके से किया जाता है। इससे समय और धन दोनों की बचत होती है। साथ ही लोक अदालत का निर्णय व्यवहार न्यायालय की डिग्री के समान मान्य होता है।
कार्यक्रम में संबंधित पक्षकारों को अपने मामलों के निपटारे के लिए आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में भाग लेने के लिए प्रेरित करने पर भी जोर दिया गया। इसके सफल संचालन में सिविल जज सह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार, मुख्य न्याय रक्षक, उप-मुख्य न्याय रक्षक, पारा विधिक स्वयंसेवक, प्रमुख, मुखिया, सरपंच, उप सरपंच, ग्राम कचहरी के न्याय मित्र एवं सचिव सहित आम लोगों की सहभागिता रही।





