कटिहार। बिहार सरकार के खान एवं भूतत्व तथा कला-संस्कृति मंत्री सह कटिहार के प्रभारी मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने जिले के 7 बाढ़ प्रभावित अंचलों में जारी राहत एवं बचाव कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ की स्थिति को देखते हुए 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने और प्रभावित लोगों तक समय पर राहत पहुंचाने का निर्देश दिया।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। राहत और बचाव कार्यों में बजट एवं संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। प्रत्येक प्रभावित परिवार तक समय पर सहायता पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
1,48,931 परिवारों को भेजी जा रही अनुग्रह राशि
आपदा सम्पूर्ति पोर्टल के माध्यम से अब तक 1,48,931 परिवारों के बैंक खातों में कुल 1,04,25,17,000 रुपये की अनुग्रह राशि भेजी जा रही है। वहीं, जिले में संचालित 458 सामुदायिक रसोइयों के माध्यम से अब तक 66,99,399 लोगों को गर्म और पौष्टिक भोजन कराया जा चुका है। जिन इलाकों में सामुदायिक रसोई की सीधी पहुंच नहीं है, वहां सूखा राशन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
514 नावों से जारी है राहत एवं बचाव कार्य
जलमग्न और सुदूर इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने तथा लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए 514 नावें लगातार सक्रिय हैं। बाढ़ से विस्थापित परिवारों के बीच अब तक 81,904 पॉलीथिन शीट्स का वितरण किया गया है।
बाढ़जनित बीमारियों से बचाव के लिए जिले में 518 स्वास्थ्य शिविर और बोट एंबुलेंस कार्यरत हैं। इनके माध्यम से अब तक 33,218 लोगों का उपचार किया जा चुका है। पानी घटने वाले इलाकों में संक्रमण की रोकथाम के लिए ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराने के भी सख्त निर्देश दिए गए हैं।
पशुओं के लिए भी राहत व्यवस्था
बाढ़ प्रभावित इलाकों में पशुपालकों की सुविधा के लिए 85 पशु चिकित्सा शिविर संचालित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में अब तक 7,177 मवेशियों का इलाज किया गया है। वहीं, पशुपालकों के बीच 787.40 क्विंटल पशु चारा वितरित किया जा चुका है।
9.40 लाख से अधिक आबादी बाढ़ से प्रभावित
जिले के 7 अंचलों की 59 ग्राम पंचायतों के 607 गांव और 4 नगर पंचायतों के 699 वार्ड बाढ़ की चपेट में हैं। इससे 2,13,955 परिवारों की करीब 9.40 लाख आबादी प्रभावित हुई है। प्रशासन की ओर से स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य जारी रखने की बात कही गई है।





