प्रवीण कुमार, कटिहार। शिक्षा विभाग के पोर्टल पर जुलाई 2026 में दर्ज शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति की समीक्षा के दौरान गंभीर अनियमितता सामने आने का मामला सामने आया है। जांच के दौरान कटिहार जिले के विभिन्न प्रखंडों के 21 शिक्षकों की ओर से विद्यालय में उपस्थित होने के लिए ‘ऑन ड्यूटी’ विकल्प का इस्तेमाल किया गया, लेकिन तकनीकी जांच में उनकी लोकेशन विद्यालय से अलग स्थान पर पाई गई।
जिला शिक्षा पदाधिकारी की ओर से जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, पोर्टल की समीक्षा के दौरान पाया गया कि संबंधित शिक्षकों ने विद्यालय में उपस्थित हुए बिना किसी अन्य स्थान से पोर्टल पर ‘मार्क ऑन ड्यूटी’ के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज की। विभागीय स्तर पर की गई तकनीकी जांच में पोर्टल पर दर्ज उपस्थिति और संबंधित शिक्षकों की वास्तविक लोकेशन के बीच अंतर पाया गया।
मामले को शिक्षक आचरण एवं विभागीय निर्देशों के प्रतिकूल मानते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी ने संबंधित शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है। सभी संबंधित शिक्षकों को पत्र प्राप्ति के दो दिनों के अंदर जिला शिक्षा पदाधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। स्पष्टीकरण में यह भी स्पष्ट करना होगा कि किन परिस्थितियों में उनके द्वारा इस तरह उपस्थिति दर्ज की गई। साथ ही, विद्यालय के प्रधानाध्यापक के मंतव्य के साथ स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने को कहा गया है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि संबंधित शिक्षकों का स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो उनके विरुद्ध बिहार सरकार सेवक आचरण नियमावली, 2005 एवं उसके संशोधित प्रावधानों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। सूची में प्राणपुर, अमदाबाद, कोढ़ा, समेली, बलरामपुर, बारसोई, बरारी और फलका प्रखंडों के शिक्षक शामिल हैं। इनमें हेड मास्टर, हेड टीचर, विशिष्ट शिक्षक समेत विभिन्न पदों पर कार्यरत शिक्षक बताए गए हैं।
दस्तावेज के अनुसार, कुछ शिक्षकों की पोर्टल लोकेशन दरभंगा, पटना, पूर्णिया, पश्चिम बंगाल, औरंगाबाद, मालदा, कोलकाता, भागलपुर, मधेपुरा, बगहा, गोरखपुर और मुंगेर समेत अन्य स्थानों पर दर्ज पाई गई। विभाग की इस कार्रवाई से संकेत मिलता है कि शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति की तकनीकी निगरानी की जा रही है और उपस्थिति दर्ज करने में किसी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित शिक्षकों से जवाब मांगा जा सकता है।




