पूर्णिया। नवजात शिशुओं को स्वस्थ और सुरक्षित रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा कंगारू मदर केयर (केएमसी) को बढ़ावा दिया जा रहा है। जन्म के समय जिन शिशुओं का वजन 2 किलोग्राम या उससे कम होता है, उन्हें केएमसी विधि अपनाने की सलाह दी जाती है। इस तकनीक से शिशु को आवश्यक गर्माहट मिलती है, जिससे उसका शारीरिक विकास तेजी से होता है और संक्रमण का खतरा भी कम होता है।
के. नगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की एएनएम संगीता सोरेन ने बताया कि अस्पताल में सुरक्षित प्रसव के बाद हर नवजात का वजन किया जाता है। यदि बच्चे का वजन 2 किलोग्राम से कम पाया जाता है, तो मां और परिजनों को कंगारू मदर केयर की पूरी प्रक्रिया समझाई जाती है। इस दौरान बच्चे को मां या किसी अन्य परिजन की खुली छाती से सटाकर रखा जाता है, जिससे शिशु को प्राकृतिक गर्माहट मिलती है। साथ ही बच्चे को नियमित रूप से स्तनपान कराने की भी सलाह दी जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, कमजोर नवजात को दिन में अधिक समय तक केएमसी देने और 8 से 10 बार स्तनपान कराने से उसका वजन तेजी से बढ़ता है।
प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक (बीएचएम) विभव कुमार ने बताया कि के. नगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कम वजन वाले नवजातों की देखभाल के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भी आशा कार्यकर्ता नियमित रूप से बच्चों की निगरानी करती हैं और जरूरत पड़ने पर उन्हें चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य है कि हर नवजात को समय पर उचित देखभाल मिले, ताकि शिशु स्वस्थ होकर सामान्य विकास कर सके।





