मुसाबनी के वरिष्ठ पत्रकार मृत्युंजय सिंह का करंट लगने से असामयिक निधन हो गया। रविवार को मऊभंडार मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां बड़ी संख्या में पत्रकार, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और आम लोग मौजूद रहे। उनकी अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। निष्पक्ष पत्रकारिता, मिलनसार व्यक्तित्व और सामाजिक सरोकारों के लिए पहचाने जाने वाले मृत्युंजय सिंह की मृत्यु को क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया गया।
करंट हादसे में वरिष्ठ पत्रकार मृत्युंजय सिंह का निधन, नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई
घाटशिला। मुसाबनी के वरिष्ठ पत्रकार एवं दैनिक भास्कर से जुड़े 46 वर्षीय पत्रकार मृत्युंजय सिंह का करंट लगने से असामयिक निधन हो गया। इस दुखद घटना ने पूरे मुसाबनी, घाटशिला अनुमंडल और पत्रकारिता जगत को गहरे शोक में डुबो दिया है। रविवार को मऊभंडार स्थित स्वर्णरेखा नदी तट के मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां परिजनों, पत्रकारों, प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
जानकारी के अनुसार शनिवार 6 जून को करंट की चपेट में आने से मृत्युंजय सिंह की मौत हो गई थी। रविवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद उनका पार्थिव शरीर घाटशिला अनुमंडल अस्पताल से उनके मुसाबनी स्थित आवास लाया गया। जैसे ही उनका पार्थिव शरीर घर पहुंचा, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार के सदस्यों का करुण विलाप सुनकर वहां मौजूद हर व्यक्ति भावुक हो उठा। पत्नी, बेटी और अन्य परिजनों का दुख देखकर लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
मृत्युंजय सिंह के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पहुंचे। रिश्तेदारों, मित्रों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। हर कोई इस बात से स्तब्ध था कि जो पत्रकार वर्षों तक दूसरों की खबरें लिखता रहा, वह स्वयं एक दुखद खबर बन गया।
उनके आवास से मऊभंडार मुक्तिधाम तक निकली अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। रास्ते भर लोगों ने नम आंखों से उन्हें विदाई दी। कई लोग भावुक होकर उनकी यादों को साझा करते नजर आए। अंतिम संस्कार के दौरान उनके भतीजे आयुष सिंह ने मुखाग्नि दी। जैसे ही चिता को अग्नि दी गई, वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं और माहौल गमगीन हो गया।
अंतिम संस्कार में पुलिस प्रशासन, सामाजिक संगठनों, पत्रकार संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कई लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि मृत्युंजय सिंह का निधन पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने हमेशा समाज के दबे-कुचले और आम लोगों की समस्याओं को अपनी कलम के माध्यम से प्रमुखता से उठाया।
मृत्युंजय सिंह केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग से जुड़े संवेदनशील व्यक्ति थे। उनका मिलनसार स्वभाव, सरल व्यक्तित्व और निष्पक्ष पत्रकारिता उन्हें लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय बनाती थी। उन्होंने अपने कार्यकाल में कई जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर लोगों की आवाज बनने का काम किया।
उनके निधन से जहां परिवार को कभी न भरने वाला आघात पहुंचा है, वहीं पत्रकारिता जगत ने अपना एक समर्पित, ईमानदार और जुझारू साथी खो दिया है। मुसाबनी और घाटशिला क्षेत्र में रविवार को शोक और संवेदनाओं का माहौल बना रहा। लोगों का कहना था कि मृत्युंजय सिंह भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें, उनकी मुस्कान और समाज के प्रति उनका समर्पण हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगा।





