पाकुड़। केकेएम कॉलेज, पाकुड़ में स्नातक स्तर पर सीटों में की गई भारी कटौती को लेकर क्षेत्र में चिंता बढ़ गई है। सीटों में कमी के कारण गरीब और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों के सामने उच्च शिक्षा हासिल करने का संकट खड़ा हो गया है। इस गंभीर समस्या को लेकर 05 पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक निसात आलम ने 10 अगस्त 2026 को पत्र संख्या 348/आरएएन/26 के माध्यम से झारखंड सरकार के नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद तथा युवा कार्य विभाग के मंत्री का ध्यान आकृष्ट कराया है।
विधायक निसात आलम ने अपने पत्र में कहा है कि केकेएम कॉलेज, पाकुड़ में शैक्षणिक सत्र 2026-30 के लिए स्नातक स्तर पर सभी विषयों की सीटों में बड़े पैमाने पर कटौती की गई है। पूर्व के शैक्षणिक सत्रों में जहां स्नातक स्तर पर करीब 4650 सीटें उपलब्ध थीं, वहीं नए सत्र में सीटों की संख्या घटाकर मात्र 1800 कर दी गई है। इस तरह स्नातक स्तर पर कुल 2850 सीटों की सीधी कटौती हुई है।
सीटों में इतनी बड़ी कमी के कारण क्षेत्र के सैकड़ों विद्यार्थियों के नामांकन से वंचित होने की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
प्रत्येक विषय में करीब 350 विद्यार्थियों ने किया आवेदन
विधायक के पत्र के अनुसार, स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रत्येक विषय में नामांकन के लिए करीब 350-350 विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। इसके मुकाबले उपलब्ध सीटों की संख्या काफी कम होने के कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को नामांकन से वंचित होने की आशंका है।
खासकर गरीब एवं ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों के लिए यह स्थिति अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई है। स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा का अवसर सीमित होने के कारण सीटों की कमी का असर विद्यार्थियों की आगे की पढ़ाई पर पड़ सकता है।
सीटों में कटौती से विद्यार्थियों के भविष्य पर असर की चिंता
निसात आलम ने कहा है कि केकेएम कॉलेज, पाकुड़ क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी इसी महाविद्यालय में स्नातक की पढ़ाई के लिए निर्भर हैं। ऐसे में सीटों में अचानक की गई भारी कटौती का सीधा असर विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य पर पड़ सकता है।
विधायक ने मंत्री से आग्रह किया है कि शैक्षणिक सत्र 2026-30 में नामांकन के लिए केकेएम कॉलेज, पाकुड़ में सभी विषयों की सीटों की संख्या पूर्ववत बहाल करने के साथ आवश्यकता के अनुरूप सीटों में वृद्धि की जाए।
उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है, ताकि पाकुड़ एवं आसपास के क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से वंचित होने से बचाया जा सके।




