भागलपुर: अंग मुक्ति दल ने गणेश चतुर्थी के अवसर पर 14 सितंबर को ‘अंग रथ’ यात्रा निकालने की घोषणा की है। यात्रा का उद्देश्य अंग अस्मिता और अंगिका भाषा-संस्कृति के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा पूरे अंग क्षेत्र को एक सूत्र में जोड़ना है।
यह निर्णय भागलपुर के घंटाघर स्थित दल के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता दल के अध्यक्ष एन. के. प्रियदर्शी ने की।
एन. के. प्रियदर्शी ने कहा कि अंग शिखर सम्मेलन की सफलता के बाद अब संगठन ‘अंग रथ’ यात्रा के माध्यम से अंग प्रदेश के लोगों को अपनी भाषा, संस्कृति और पहचान के प्रति जागरूक करेगा। उन्होंने कहा कि यह यात्रा क्षेत्रीय अस्मिता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल होगी।
महासचिव अमित विक्रम ने बताया कि अंग रथ यात्रा मंदार पर्वत की तलहटी से शुरू होगी और बिहार एवं झारखंड के 14 जिलों के 100 प्रखंडों का भ्रमण करने के बाद भागलपुर पहुंचकर संपन्न होगी।
कार्यकारी अध्यक्ष प्रो. देबज्योति मुखर्जी ने बताया कि यात्रा को सफल बनाने के लिए सभी 100 प्रखंडों के लिए अलग-अलग प्रखंड प्रभारी तथा 14 जिलों के जिला प्रभारी नियुक्त किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह यात्रा पूरे अंग क्षेत्र को एक मंच पर लाने और क्षेत्र के विकास के लिए लोगों को प्रेरित करेगी।
संयुक्त सचिव गोपाल तांती ने इसे अभूतपूर्व और ऐतिहासिक पहल बताया। वहीं उपाध्यक्ष अरुण जी और आदित्य नारायण झा ने भी सभा को संबोधित करते हुए यात्रा को जन-जागरण का महत्वपूर्ण अभियान बताया।
बैठक में कोषाध्यक्ष मानवेंद्र कुमार, अंगिका विकास प्रभारी प्राणमोहन प्रीतम, सोशल मीडिया प्रभारी शशांक सिंह, कार्यालय प्रभारी मंजर आलम, केंद्रीय सचिव आनंद श्रीवास्तव सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।





