गोड्डा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) के अध्यक्ष रमेश कुमार एवं सचिव दीपक कुमार के निर्देश पर जिले के विभिन्न प्रखंडों में गठित लीगल एड क्लिनिक की ओर से ‘न्याय आपके द्वार’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं और निःशुल्क विधिक सहायता के प्रति जागरूक किया गया।
इसी क्रम में सदर प्रखंड की टीम के अधिकार मित्र इंतेखाब आलम, चंपा कुमारी सहित अन्य सदस्यों ने रंगमटिया, हरिपुर, सिमरडा समेत कई गांवों में जागरूकता शिविर आयोजित किए। इस दौरान ग्रामीणों को नालसा (संवाद) योजना-2025 की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि देश के प्रत्येक नागरिक को गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार प्राप्त है और किसी के अधिकारों का अतिक्रमण करने पर कानून के तहत दंड का प्रावधान है।
शिविर में बताया गया कि नालसा (संवाद) योजना का उद्देश्य हाशिए पर रह रहे कमजोर आदिवासी, विमुक्त एवं घुमंतू जनजातीय समुदायों की न्याय तक पहुंच को सशक्त बनाना है। योजना के तहत जनजातीय क्षेत्रों में विशेष कानूनी सेवा इकाइयों की स्थापना की जाएगी। साथ ही जनजातीय समुदायों से जुड़े वकीलों और अधिकार मित्रों को कानूनी सहायता, न्यायालयों में प्रतिनिधित्व, सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने तथा आवश्यक दस्तावेज तैयार कराने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि मोबाइल विधिक सहायता वैन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्कूलों में विधिक साक्षरता अभियान, कानूनी सहायता क्लिनिक तथा रेडियो और दूरदर्शन जैसे माध्यमों से भी लोगों को कानूनी रूप से जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा, रोजगार, बच्चों का नामांकन, छात्रवृत्ति, शैक्षिक योजनाएं, वनाधिकार, भूमि एवं पुनर्वास से जुड़े मामलों में भी कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
डालसा की ओर से समुदायों के क्षमता निर्माण, स्वरोजगार को बढ़ावा देने, वित्तीय साक्षरता विकसित करने तथा गरिमापूर्ण जीवन जीने के लिए भी विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इसी अभियान के तहत सुंदरपहाड़ी, पथरगामा, बसंतराय, महागामा, ठाकुरगंगटी, मेहरमा और पोड़ैयाहाट प्रखंडों के ग्रामीण क्षेत्रों में भी विधिक जागरूकता शिविर आयोजित कर लोगों को कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई।




