कटिहार: जन्मजात टेढ़े-मेढ़े पैर यानी क्लबफुट की समस्या से जूझ रहे बच्चों के लिए कटिहार सदर अस्पताल में विशेष ओपीडी सुविधा शुरू की जा रही है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत अनुष्का फाउंडेशन के सहयोग से ऑर्थोपेडिक सर्जन की मौजूदगी में बच्चों का इलाज किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य समय पर इलाज उपलब्ध कराकर बच्चों को भविष्य में होने वाली दिव्यांगता से बचाना है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, छोटे बच्चों में हड्डियां और पैर की संरचना अधिक लचीली होती है। ऐसे में कम उम्र में इलाज शुरू होने पर बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। अनुष्का फाउंडेशन की टीम के अनुसार, 2 साल तक के बच्चों में कई मामलों में प्लास्टर जैसी उपचार प्रक्रिया से पैर को सामान्य स्थिति में लाने में मदद मिल सकती है। प्रखंड स्तर पर काम कर रही RBSK टीम द्वारा क्लबफुट से प्रभावित बच्चों की पहचान कर उन्हें इलाज के लिए रेफर किया जा रहा है।
इसी क्रम में कटिहार जिले के 8 क्लबफुट से प्रभावित बच्चों को चिकित्सकीय सहायता के लिए किशनगंज भेजा गया। इन बच्चों को जिला स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय से एंबुलेंस के माध्यम से किशनगंज सदर अस्पताल भेजा गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में आगे का उपचार किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि जन्मजात टेढ़े पैर की समस्या वाले बच्चों के परिजन RBSK टीम से संपर्क करें। कटिहार सदर अस्पताल में हर बुधवार इस समस्या से जुड़े बच्चों का मुफ्त इलाज किया जाएगा।
सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र नाथ सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से होंठ और तालु कटे हुए बच्चों का भी मुफ्त इलाज कराया जा रहा है। ऐसे बच्चों के अभिभावक अपने प्रखंड में RBSK टीम से संपर्क कर सकते हैं। RBSK टीम स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से बच्चों को नजदीकी जिले के प्रशिक्षित चिकित्सकों के पास भेजने की व्यवस्था करेगी। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को समय पर इलाज उपलब्ध कराना और उन्हें स्वस्थ जीवन देने में मदद करना है।
इस अवसर पर जिला सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र नाथ सिंह, जिला अस्पताल उपाधीक्षक, डीईआईसी मैनेजर, RBSK के डॉक्टर प्रशांत कुमार झा, RBSK टीम और अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।





