डीएसपीएमयू में विश्व जैव विविधता दिवस 2026 समारोह का आयोजन
रांची। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) के पर्यावरण विज्ञान विभाग द्वारा शुक्रवार को विश्व जैव विविधता दिवस 2026 के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के बीच जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा तथा सतत विकास के प्रति जागरूकता फैलाना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. डॉ. राजीव मनोहर ने कहा कि जैव विविधता के संरक्षण और संवर्धन की सामूहिक जिम्मेदारी हम सभी की है। उन्होंने कहा कि जैव विविधता पृथ्वी पर जीवन के संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह केवल पर्यावरण संतुलन का विषय नहीं, बल्कि मानव जीवन, संस्कृति और भविष्य की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है।
उन्होंने विद्यार्थियों को अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा विश्वविद्यालय परिसर में लगाए गए पौधों की उचित देखभाल करने के लिए प्रेरित किया। कुलपति ने कहा कि विश्व जैव विविधता दिवस केवल एक अवसर नहीं, बल्कि प्रकृति और मानव के सह-अस्तित्व का पावन संदेश है।
कुलसचिव डॉ. धनंजय वासुदेव द्विवेदी ने संस्कृत श्लोकों के माध्यम से प्रकृति संरक्षण एवं जैव विविधता के महत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने की अपील की।
पर्यावरण विज्ञान विभाग की समन्वयक डॉ. रश्मि मिश्रा ने झारखंड में स्थित विभिन्न जैव विविधता संरक्षित क्षेत्रों की जानकारी देते हुए उनके पारिस्थितिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने जैव विविधता संरक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के अंतर्गत क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसका संचालन क्विज मास्टर डॉ. अमृता लाल ने किया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक इसमें भाग लिया। इसके अतिरिक्त पर्यावरण विज्ञान विभाग के विद्यार्थियों द्वारा पोस्टर प्रस्तुति, पावरपॉइंट प्रस्तुति, नुक्कड़ नाटक एवं नाट्य मंचन प्रस्तुत किए गए, जिनका विषय जैव विविधता संरक्षण एवं पर्यावरण जागरूकता था।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. अमृता लाल ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. देबू मुखर्जी द्वारा किया गया।
मौके पर कुलपति प्रो. डॉ. राजीव मनोहर, कुलसचिव डॉ. धनंजय वासुदेव द्विवेदी, वित्त पदाधिकारी डॉ. अनीता कुमारी, प्रॉक्टर डॉ. अजय कुमार चौधरी, पर्यावरण विज्ञान विभाग की समन्वयक डॉ. रश्मि मिश्रा, वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. आईपी गुप्ता, प्राणी विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. सजलेंदु घोष सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे। इसकी जानकारी पीआरओ डॉ. राजेश कुमार सिंह ने दी।




