
कटिहार: कुरसेला प्रखंड की दक्षिणी मुरादपुर पंचायत स्थित तीनघरिया गांव में गंगा नदी का कटाव लगातार विकराल रूप लेता जा रहा है। गंगा और कोसी नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण पहले किसानों की उपजाऊ जमीन नदी में समा गई और अब कटाव गांव के रिहायशी इलाकों तक पहुंचने लगा है। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और कई परिवार अपने घरों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
ग्रामीण बबलू शाह ने बताया कि उनकी खेती योग्य जमीन पहले ही कटाव की भेंट चढ़ चुकी है। अब नदी तेजी से घरों की ओर बढ़ रही है। उनका कहना है कि यदि समय रहते स्थायी कटावरोधी कार्य नहीं कराया गया तो कई परिवार बेघर हो सकते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा लगभग 800 मीटर तक कटावरोधी कार्य कराया गया, लेकिन वर्तमान हालात में यह पर्याप्त साबित नहीं हो रहा है और कटाव लगातार आगे बढ़ रहा है।
कटाव से परेशान महिलाओं का दर्द भी खुलकर सामने आया। सविता देवी, बुलबुल देवी, बबलू शाह और दिलखुश कुमार समेत कई ग्रामीण नदी किनारे पहुंचे और लोकगीत गाकर गंगा माता से गांव की रक्षा की प्रार्थना की। महिलाओं ने कहा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों तक कई बार अपनी बात पहुंचाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उनका कहना है कि यदि जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो पूरा गांव संकट में पड़ सकता है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल स्थल निरीक्षण कर अतिरिक्त कटावरोधी कार्य शुरू कराने, संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास व राहत की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। लगातार बढ़ते कटाव के कारण तीनघरिया गांव में भय, असुरक्षा और भविष्य को लेकर अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।

