
पाकुड़: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 125वें स्मरण पर्व के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा एवं भारतीय जनता युवा मोर्चा के संयुक्त तत्वावधान में डॉन बॉस्को स्कूल, पाकुड़ में छात्र सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम विद्यालय के निदेशक शिव शंकर दुबे की उपस्थिति में संपन्न हुआ, जिसमें विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण और जनसेवा के लिए प्रेरित किया गया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए अमृत पांडेय ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्र की अखंडता, सांस्कृतिक स्वाभिमान और जनसेवा के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं से उनके विचारों से प्रेरणा लेकर देश और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि भारत की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए डॉ. मुखर्जी ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। देश के विभाजन के समय पश्चिम बंगाल को भारत का हिस्सा बनाए रखने और बाद में जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर उनके संघर्ष का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उनका बलिदान राष्ट्र के इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2019 में अनुच्छेद 370 और 35(ए) को हटाया जाना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
कार्यक्रम में प्राची चौधरी, दीपक साहा, पवन भगत एवं निधि गुप्ता ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का संदेश दिया।

