पाकुड़। झालसा, रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ की ओर से पाकुड़ मंडल कारा में जेल अदालत सह चिकित्सीय जांच शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ दिवाकर पांडेय के निर्देश पर किया गया। इस दौरान डीएलएसए के प्रभारी सचिव विशाल मांझी समेत जेल प्रशासन और विधिक सहायता से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान प्रभारी सचिव विशाल मांझी ने बंदियों को विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने प्ली बार्गेनिंग के महत्व और इससे जुड़ी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया। बंदियों को बताया गया कि निर्धारित कानूनी प्रावधानों के तहत पात्र मामलों में प्ली बार्गेनिंग के माध्यम से वाद का शीघ्र निपटारा और समय की बचत जैसे लाभ मिल सकते हैं।
बंदियों को यह भी समझाया गया कि प्ली बार्गेनिंग किन मामलों में की जा सकती है और इसके लिए क्या प्रक्रिया अपनानी होती है। साथ ही उन्हें अपने कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। विधिक सहायता प्रतिरक्षा परामर्श प्रणाली के उप मुख्य संजीव कुमार मंडल ने निःशुल्क विधिक सहायता और जमानत से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि जरूरतमंद बंदियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों को उनके अधिकारों और उपलब्ध कानूनी सुविधाओं की जानकारी देना रहा।
इसके साथ ही मंडल कारा परिसर में चिकित्सीय जांच शिविर भी लगाया गया। स्वास्थ्य विभाग की चिकित्सकीय टीम ने बंदियों के रक्तचाप, शुगर समेत अन्य स्वास्थ्य संबंधी जांच की और उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रभारी डीएलएसए सचिव विशाल मांझी, डॉ. एसके झा, जेल प्रशासनिक अधिकारी, संजीव कुमार मंडल, सहायक गंगाराम टुडू और अजफर हुसैन विश्वास ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर की। मौके पर डीएलएसए कर्मी, जेल प्रशासन के अधिकारी, डॉक्टर और मेडिकल टीम के सदस्य मौजूद रहे।




