मालीगांव। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) में भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की तीन दिवसीय ‘राज्य पुरस्कार अवार्ड रैली’ का आयोजन किया गया। 3 से 5 अक्टूबर तक मालीगांव के रंग भवन और स्टेट ट्रेनिंग सेंटर में आयोजित इस रैली में स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स और रेंजर्स के उत्कृष्ट प्रदर्शन को सम्मानित किया गया। समारोह में एनएफआर के महाप्रबंधक एवं मुख्य संरक्षक चेतन कुमार श्रीवास्तव और पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा शालिनी श्रीवास्तव प्रमुख रूप से मौजूद रहीं।
एनएफआर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा ने बताया कि वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कुल 321 सदस्यों को राज्य पुरस्कार यानी गवर्नर्स अवॉर्ड प्रदान किया गया। इन सदस्यों ने कड़े पांच दिवसीय टेस्टिंग कैंप और विभिन्न दक्षता बैज हासिल करने के बाद यह उपलब्धि प्राप्त की। वर्ष 2022-23 में 5, वर्ष 2023-24 में 135 और वर्ष 2024-25 में 181 योग्य सदस्यों को सम्मानित किया गया। अब ये सदस्य राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रपति पुरस्कार’ की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
एनएफआर भारत स्काउट्स एंड गाइड्स ने विभिन्न सामाजिक और जनसेवा गतिविधियों में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। इस वर्ष एनएफआर के 24 सदस्यों ने राष्ट्रपति पुरस्कार हासिल किया, जबकि 94 कब्स और बुलबुल्स ने गोल्डन एरो अवार्ड प्राप्त कर जोन का गौरव बढ़ाया।
इसके अलावा कामाख्या धाम में 225 स्काउट्स और गाइड्स ने 24 घंटे तैनात रहकर तीर्थयात्रियों की सेवा और सहायता की। एनएफआर महिला कल्याण संगठन के सहयोग से शिवसागर और जोरहाट जिलों के बाढ़ प्रभावित लोगों तक आवश्यक राहत सामग्री भी पहुंचाई गई।
स्काउट्स एंड गाइड्स के सदस्यों ने स्टेशनों पर भीड़ नियंत्रण, स्वच्छता अभियान, पर्यावरण जागरूकता, सड़क सुरक्षा से जुड़े नुक्कड़ नाटक और यात्रियों को निःशुल्क पेयजल उपलब्ध कराने जैसे कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाई।
एनएफआर भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की इन गतिविधियों से युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र सेवा की भावना को बढ़ावा मिल रहा है। राज्य पुरस्कार अवार्ड रैली के माध्यम से उत्कृष्ट कार्य करने वाले सदस्यों को प्रोत्साहन मिलने के साथ उन्हें राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियों के लिए भी आगे बढ़ने का अवसर मिला है।





