भागलपुर: मानसून के सक्रिय होने के साथ ही डेंगू, मलेरिया, वायरल फीवर, दस्त, टायफाइड और अन्य मौसमी बीमारियों के मामलों में बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए भागलपुर जिले में 102 निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा को हाई अलर्ट मोड पर संचालित किया जा रहा है। राज्य सरकार के सहयोग से ज़ेनप्लस सर्विसेज द्वारा संचालित यह सेवा 24 घंटे आपातकालीन स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह तैयार है।
बरसात के मौसम में जलजमाव, दूषित पेयजल और बढ़ी हुई नमी के कारण संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। पटना स्थित 102 एम्बुलेंस कंट्रोल सेंटर के डॉक्टर हिमांशु कुमार ने बताया कि इस दौरान डेंगू, मलेरिया, वायरल बुखार, टायफाइड, दस्त, फूड पॉइजनिंग और त्वचा संबंधी संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं। उन्होंने बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
भागलपुर जिले में जून 2026 के दौरान 102 एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से 4,173 मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराई गई। इनमें 2,647 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया, 104 नवजात एवं गंभीर मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिली, जबकि 223 सड़क दुर्घटना पीड़ितों और 1,199 अन्य मरीजों को भी समय पर अस्पताल पहुंचाकर उपचार सुनिश्चित किया गया।
ज़ेनप्लस सर्विसेज के बिहार प्रोजेक्ट हेड दीपक श्रीवास्तव ने बताया कि मानसून के दौरान बढ़ती स्वास्थ्य आपात स्थितियों को देखते हुए सभी जिलों में एम्बुलेंस संचालन व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है। कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय है और प्रत्येक आपातकालीन कॉल पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा रही है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि तेज बुखार, लगातार उल्टी, दस्त, शरीर में दर्द, अत्यधिक कमजोरी या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई देने पर स्वयं इलाज करने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। आवश्यकता पड़ने पर 102 निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा का उपयोग कर समय पर अस्पताल पहुंचें, क्योंकि समय पर उपचार ही गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।





