गोड्डा के बलबड्डा थाना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर में दुर्गा पूजा मेला को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। मंदिर परिसर की सजावट से लेकर मां दुर्गा की प्रतिमा निर्माण तक का काम तेजी से कराया जा रहा है। पूजा के दौरान बलबड्डा समेत आसपास के दर्जनों गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। 11 अक्टूबर से प्रथम नवरात्र की पूजा शुरू होगी। नवमी तक प्रतिदिन मां दुर्गा की पूजा-अर्चना, संध्या आरती और प्रसाद वितरण किया जाएगा। प्रथम पूजा से नवमी तक मंदिर के समीप स्थित सूर्य सरोवर पोखर तट पर विशेष गंगा महाआरती का आयोजन किया जाएगा। वहीं, रात्रि में वृंदावन से आए कलाकारों द्वारा रासलीला और भव्य धार्मिक झांकियों की प्रस्तुति की जाएगी।
दशमी के दिन मेले में आदिवासी नृत्य, पारितोषिक वितरण, रावण दहन और मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। आदिवासी नृत्य प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम को 15,001 रुपये, द्वितीय स्थान वाली टीम को 10,001 रुपये और तृतीय स्थान वाली टीम को 7,001 रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा सांत्वना पुरस्कार के रूप में 3,001 रुपये दिए जाएंगे। दुर्गा पूजा मेला समिति के अध्यक्ष अरुण राम ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी दशमी तक कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रथम पूजा से नवमी तक संध्या महाआरती, प्रसाद वितरण, गंगा महाआरती और वृंदावन के कलाकारों द्वारा धार्मिक झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी। स्कूली बच्चों द्वारा डांडिया नृत्य का आयोजन भी होगा।
जिप सदस्य कदमी देवी ने कहा कि बलबड्डा में हर वर्ष भव्य तरीके से मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की जाती है और कई धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। बलबड्डा सहित आसपास के कई गांवों से श्रद्धालु यहां पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। मेले को लेकर आयोजन समिति की ओर से तैयारियों को अंतिम रूप देने का काम जारी है।



