भागलपुर में बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन लगातार राहत एवं बचाव कार्य चला रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय ने सबौर अंचल के फरका पंचायत और शंकरपुर में संचालित सामुदायिक रसोई केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ पीड़ितों को दिए जा रहे भोजन, बैठने की व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाओं का जायजा लिया।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सामुदायिक रसोई केंद्रों पर पर्याप्त टेबल, कुर्सी और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहें। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को निर्धारित समय पर गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलना चाहिए। सुबह 9 बजे से 11 बजे तक और शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक भोजन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, प्रतिदिन कितने लोगों को भोजन कराया गया, इसका रिकॉर्ड भी व्यवस्थित तरीके से रखने को कहा गया।
इसके अलावा जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित परिवारों की जरूरत को देखते हुए पॉलीथिन शीट और अन्य राहत सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री समय पर पहुंचे और सामुदायिक रसोई में भोजन की गुणवत्ता, वितरण व्यवस्था और अन्य सुविधाओं की नियमित निगरानी की जाए। राहत एवं बचाव कार्यों में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने और संवेदनशीलता के साथ काम करने पर भी उन्होंने जोर दिया।




