बिहार में प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए राज्य सरकार ने परीक्षा सुधार विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। पटना हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति हरीश कुमार को इस समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। समिति गठन के तीन महीने के भीतर राज्य सरकार को अपनी अनुशंसाएं सौंपेगी।
सामान्य प्रशासन विभाग की 23 अगस्त की अधिसूचना में विभिन्न परीक्षा बोर्ड, आयोग, विश्वविद्यालयों और अन्य भर्ती एजेंसियों की ओर से आयोजित परीक्षाओं में व्यापक सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने का प्रावधान किया गया था। इसी के तहत 24 अगस्त को विभाग ने पटना हाईकोर्ट के महानिबंधक से समिति के अध्यक्ष के नामांकन का अनुरोध किया था।
पटना हाईकोर्ट के महानिबंधक ने 28 अगस्त को न्यायमूर्ति हरीश कुमार का नाम समिति के अध्यक्ष के तौर पर प्रस्तावित किया। इसके बाद उन्हें समिति की जिम्मेदारी दी गई है। समिति राज्य में अलग-अलग संस्थाओं की ओर से आयोजित होने वाली प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं की मौजूदा प्रक्रिया का अध्ययन करेगी।
विशेषज्ञ समिति का उद्देश्य परीक्षा व्यवस्था में मौजूद कमियों की पहचान कर उसमें जरूरी सुधार के सुझाव देना है। समिति परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और प्रभावी बनाने के लिए अपनी अनुशंसाएं राज्य सरकार को देगी। सरकार इन सुझावों के आधार पर परीक्षा व्यवस्था में आवश्यक बदलाव कर सकती है।




