साहिबगंज के बोरियो और बरहेट प्रखंडों में कथित पेंशन भुगतान अनियमितता की जांच तेज हो गई है। डीडीसी सतीश चंद्रा, अपर समाहर्ता गौतम कुमार भगत और अन्य अधिकारियों ने प्रखंड कार्यालय पहुंचकर रिकॉर्ड, बैंकिंग दस्तावेज और तकनीकी अभिलेखों की जांच की। कर्मचारियों से दस्तावेज मांगे गए हैं तथा पुराने रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। जांच के बाद जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
साहिबगंज। बोरियो एवं बरहेट प्रखंड में कथित पेंशन भुगतान अनियमितता की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है। जिला प्रशासन द्वारा गठित जांच टीम ने बुधवार को दोनों प्रखंडों में पहुंचकर रिकॉर्ड और दस्तावेजों की गहन पड़ताल की, जिससे प्रशासनिक महकमे में दिनभर हलचल बनी रही।
बोरियो प्रखंड कार्यालय में उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा, अपर समाहर्ता गौतम कुमार भगत तथा जिला पंचायती राज पदाधिकारी अनिल कुमार स्वयं उपस्थित होकर जांच प्रक्रिया की निगरानी करते नजर आए। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी से प्रखंड कार्यालय में कर्मचारियों के बीच काफी सक्रियता और सतर्कता देखी गई।
जांच के दौरान पेंशन योजना से संबंधित लाभुकों का विवरण, भुगतान रिकॉर्ड, बैंकिंग दस्तावेज, तकनीकी अभिलेख तथा अन्य महत्वपूर्ण कागजातों का बारीकी से सत्यापन किया गया। अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों से आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा और एक-एक रिकॉर्ड का मिलान कर जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
सूत्रों के अनुसार जांच टीम पुराने अभिलेखों और भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाल रही है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो वह किस स्तर पर हुई और उसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। तकनीकी और दस्तावेजी दोनों पहलुओं की समानांतर जांच की जा रही है।

वहीं बरहेट प्रखंड कार्यालय में भी जांच को लेकर पूरे दिन गतिविधियां तेज रहीं। कर्मचारियों को सभी आवश्यक अभिलेख व्यवस्थित रखने और जांच टीम को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों को गंभीरता से जांचा जा रहा है।
चर्चा है कि जांच के दौरान दोनों प्रखंडों के कंप्यूटर ऑपरेटरों एवं संबंधित कर्मियों से भी पूछताछ की जा रही है। हालांकि जांच प्रक्रिया जारी रहने के कारण अधिकारी फिलहाल सार्वजनिक रूप से किसी निष्कर्ष पर टिप्पणी करने से बच रहे हैं।
गौरतलब है कि पेंशन भुगतान में कथित फर्जीवाड़े और अनियमितताओं की शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन ने संदिग्ध लाभुकों के भुगतान पर रोक लगा दी थी। इसके बाद उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा के नेतृत्व में उच्चस्तरीय जांच शुरू की गई थी।
अब वरिष्ठ अधिकारियों की प्रत्यक्ष निगरानी में जांच आगे बढ़ने से कई महत्वपूर्ण तथ्यों के सामने आने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासनिक सूत्रों का दावा है कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल बोरियो और बरहेट प्रखंड में चल रही इस जांच को लेकर लोगों के बीच व्यापक चर्चा है और सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं। मौके पर सुमित चौबे सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित थे।





