भागलपुर शहर में साईं बाबा की भक्ति और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। साईं बाबा की भव्य पालकी शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ जुटने लगी थी। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ शुरू हुआ आयोजन देखते ही देखते साईं भक्ति के रंग में रंग गया।
आयोजन की शुरुआत विधि-विधान के साथ साईं बाबा के रुद्राभिषेक से हुई। रुद्राभिषेक के बाद श्रद्धालुओं ने साईं बाबा की आरती की। आरती के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा। इसके बाद साईं बाबा की पालकी को भव्य तरीके से सजाया गया और पालकी शोभायात्रा की शुरुआत की गई।
साईं बाबा की पालकी जैसे ही शहर की सड़कों पर निकली, श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए। पालकी के आगे श्रद्धालु भक्ति गीतों और भजनों पर झूमते नजर आए। कई भक्त नाचते-गाते हुए साईं बाबा के जयकारे लगाते हुए शोभायात्रा के साथ आगे बढ़े।
शोभायात्रा कचहरी चौक, तिलकामांझी चौक और मनाली चौक समेत शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। रास्ते भर साईं भक्तों की भीड़ देखने को मिली। कई स्थानों पर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा का स्वागत भी किया। सड़कों पर चारों तरफ साईं बाबा के जयकारों और भक्ति गीतों की गूंज सुनाई देती रही।
शोभायात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालु भक्ति के रंग में रंगे नजर आए। कोई हाथों में साईं बाबा का ध्वज लेकर चल रहा था तो कोई भक्ति गीतों पर नाचते-झूमते हुए पालकी के साथ आगे बढ़ रहा था। श्रद्धालुओं के चेहरे पर आस्था और उत्साह साफ दिखाई दे रहा था।
शहर में भ्रमण करने के बाद साईं बाबा की पालकी शोभायात्रा वापस मंदिर परिसर पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।
वहीं मंदिर परिसर में लगातार भजन-कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है। भक्ति गीतों और साईं बाबा के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय बना हुआ है। श्रद्धालु भजन-कीर्तन में शामिल होकर साईं बाबा की आराधना कर रहे हैं।
साईं बाबा की इस भव्य पालकी शोभायात्रा ने भागलपुर में धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी और उनकी आस्था ने पूरे आयोजन को खास बना दिया। शोभायात्रा के दौरान हर तरफ एक ही स्वर सुनाई दे रहा था—“सबका मालिक एक” और “साईं बाबा की जय।”





