महागामा में वर्षों से बंद पड़ा सोलर जलमीनार, अब बकरी बांधने का बना सहारा; ग्रामीणों ने की मरम्मत की मांग

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महागामा: गोड्डा जिले के महागामा अनुमंडल अंतर्गत नरोत्तमपुर चौक पर लाखों रुपये की लागत से स्थापित सोलर जलमीनार वर्षों से बंद पड़ा है। राहगीरों और स्थानीय लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाई गई यह योजना अब उपेक्षा का शिकार बन चुकी है। रखरखाव के अभाव में जलमीनार पूरी तरह अनुपयोगी हो गया है और स्थानीय लोग इसके लोहे के ढांचे का उपयोग बकरी बांधने के लिए कर रहे हैं।

नरोत्तमपुर चौक बिहार और झारखंड को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग पर स्थित है। इस सड़क से प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। आसपास के ग्रामीणों के अलावा बड़ी संख्या में यात्री भी इस मार्ग का उपयोग करते हैं। ऐसे महत्वपूर्ण स्थान पर पेयजल सुविधा ठप होने से लोगों को विशेषकर गर्मी और उमस के मौसम में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सोलर जलमीनार खराब होने की जानकारी कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों को दी गई, लेकिन अब तक इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। समय के साथ जलमीनार की स्थिति और खराब होती गई तथा अब इसका ढांचा भी जर्जर होने लगा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि लाखों रुपये की लागत से बनी यह सरकारी योजना रखरखाव के अभाव में बेकार पड़ी है। उनका कहना है कि यदि जल्द मरम्मत नहीं कराई गई तो पूरी संरचना क्षतिग्रस्त हो सकती है, जिससे सरकारी धन का नुकसान होगा और आम लोगों को पेयजल सुविधा से वंचित रहना पड़ेगा।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से सोलर जलमीनार की शीघ्र मरम्मत कर इसे पुनः चालू करने की मांग की है। उनका कहना है कि इसके चालू होने से राहगीरों, वाहन चालकों, दुकानदारों और स्थानीय ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिलेगी तथा सरकार की यह जनहितकारी योजना अपने वास्तविक उद्देश्य को पूरा कर सकेगी।

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Author: kelanchaltimes

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