महाराजपुर और मोगलपाड़ा में शेरशाहबादी जाति पहचान जांच पूरी, सामाजिक-सांस्कृतिक तथ्यों का किया गया अध्ययन

Facebook
Twitter
WhatsApp
Telegram

 

साहिबगंज जिले के महाराजपुर और मोगलपाड़ा क्षेत्र में शेरशाहबादी जाति पहचान एवं सामाजिक स्थिति की जांच समिति ने स्थलीय निरीक्षण किया। जांच के दौरान स्थानीय लोगों, बुजुर्गों और समुदाय प्रतिनिधियों से संवाद कर सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक तथ्यों की जानकारी जुटाई गई। समिति ने शेरशाहबादी और खोरठा समुदायों के बीच भिन्नताओं का अध्ययन किया। संकलित तथ्यों के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपी जाएगी।

 

महाराजपुर एवं मोगलपाड़ा में शेरशाहबादी जाति पहचान संबंधी जांच पूरी, समिति ने जुटाए तथ्य

बरहरवा। शेरशाहबादी जाति प्रमाण-पत्र पुनः निर्गत करने की मांग के मद्देनजर उपायुक्त साहिबगंज द्वारा गठित जांच समिति ने बुधवार को महाराजपुर एवं मोगलपाड़ा क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर महत्वपूर्ण तथ्य जुटाए। शेरशाहबादी जाति की पहचान एवं सामाजिक स्थिति के अध्ययन के लिए गठित समिति ने स्थानीय लोगों, समुदाय के प्रतिनिधियों, बुजुर्गों और बुद्धिजीवियों से विस्तृत संवाद कर सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।
जांच के दौरान समिति ने विशेष रूप से शेरशाहबादी एवं खोरठा समुदायों के बीच सामाजिक और सांस्कृतिक स्तर पर मौजूद समानताओं एवं भिन्नताओं का अध्ययन किया। समिति ने यह जानने का प्रयास किया कि दोनों समुदाय स्वयं को किस प्रकार अलग पहचान वाला मानते हैं और उनकी पारंपरिक मान्यताएं, रीति-रिवाज तथा सामाजिक संरचना किस प्रकार एक-दूसरे से भिन्न हैं।
निरीक्षण के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि दोनों समुदायों के कई पुराने खातियानों में जाति के रूप में “शेख” अंकित है। इसके बावजूद दोनों समुदाय अपनी अलग सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान होने का दावा करते हैं। इसी विषय पर समिति ने विभिन्न पक्षों से जानकारी लेकर तथ्यों का संकलन किया।
जांच दल में अनुमंडल पदाधिकारी राजमहल, भूमि सुधार उप समाहर्ता राजमहल, अंचल अधिकारी बरहरवा सहित शेरशाहबादी डेवलपमेंट सोसाइटी के प्रतिनिधि मो. इस्तियाक, मो. आजमाइल, तौफाइल शेख, मामूद हसन और सोलोमन शेख शामिल रहे। समिति के सदस्यों ने क्षेत्र के विभिन्न लोगों से मुलाकात कर उनकी राय दर्ज की तथा समुदाय के इतिहास, भाषा, सामाजिक परंपराओं और वंशावली से जुड़ी जानकारियां एकत्र कीं।
समिति ने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध दस्तावेजों और मौखिक साक्ष्यों का भी अध्ययन किया। अधिकारियों ने बताया कि जांच का उद्देश्य किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पक्षों की बात सुनना और तथ्यों का निष्पक्ष मूल्यांकन करना है। इस दौरान क्षेत्र में शांति और सहयोग का माहौल देखने को मिला तथा समुदाय के लोगों ने भी जांच प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाई।
उल्लेखनीय है कि शेरशाहबादी समुदाय से संबंधित जाति प्रमाण-पत्र निर्गत करने के मुद्दे पर विभिन्न मांगें सामने आने के बाद उपायुक्त साहिबगंज ने 1 जून 2026 को पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था। समिति को समुदाय की सामाजिक स्थिति, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि तथा जातीय पहचान से जुड़े तथ्यों का अध्ययन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी दी गई है।
समिति द्वारा एकत्र किए गए तथ्यों, दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे उपायुक्त साहिबगंज को सौंपा जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई और निर्णय लिए जाएंगे।
rohini shree
Author: rohini shree

Leave a Comment

Kelanchaltimes हिंदी के साथ रहें अपडेट

सब्स्क्राइब कीजिए हमारा डेली न्यूजलेटर और पाइए खबरें आपके इनबॉक्स में

और खबरें

पाकुड़ नगर परिषद में 2 करोड़ की योजनाओं पर घमासान, पार्षदों ने अध्यक्ष-उपाध्यक्ष का पुतला फूंका; समर्थकों ने फोड़े पटाखे

पाकुड़: नगर परिषद क्षेत्र में दो करोड़ रुपये की सड़क योजनाओं के चयन को लेकर सोमवार को विवाद गहरा गया। योजना चयन में पक्षपात और

कटिहार का 115 साल पुराना दुर्गागंज दुर्गा मंदिर, 2002 में हुआ सार्वजनिक

कदवा (कटिहार): बिहार के कटिहार जिले के कदवा प्रखंड स्थित दुर्गागंज का ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर आस्था के साथ-साथ क्षेत्र की पुरानी जमींदारी व्यवस्था की विरासत

गलगलिया के पथरघट्टा हाई स्कूल में SSB का साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम

गलगलिया: विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने और सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से 8वीं बटालियन सशस्त्र सीमा बल

कटिहार के 9 खिलाड़ियों ने ताइक्वांडो में जीते गोल्ड मेडल, राज्य स्तर पर चयनित

स्कूली गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित प्रमंडल स्तरीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में उत्क्रमित मध्य विद्यालय बर्मा रिफ्यूजी कॉलोनी के छात्र-छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन