महेशपुर। थाना क्षेत्र के भागाबांध गांव में एक व्यक्ति को कथित रूप से बंधक बनाकर रखने और उसके साथ मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। मामले को लेकर शहरग्राम निवासी बासमती कुमारी ने महेशपुर थाना में आवेदन देकर अपने पति परमेश्वर कर्मकार को बंधक बनाए जाने का आरोप लगाया है। महिला ने पुलिस से अपने पति को मुक्त कराने की गुहार लगाई है।
आवेदन के अनुसार, 6 अक्टूबर की शाम करीब चार बजे परमेश्वर कर्मकार महेशपुर थाना क्षेत्र के कालूपाड़ा फुटबॉल मैदान में फुटबॉल मैच देखने गए थे। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। 7 अक्टूबर की सुबह करीब छह बजे से खोजबीन के दौरान परिजनों को जानकारी मिली कि परमेश्वर को भागाबांध गांव में बंधक बनाकर रखा गया है।
इसके बाद करीब 10 बजे बासमती कुमारी कुछ लोगों के साथ भागाबांध पहुंचीं। उनका आरोप है कि गांडाटोला में इमली के पेड़ के पास उनके पति को बांधकर रखा गया था। परिजनों द्वारा उन्हें छोड़ने की मांग करने पर ग्रामीणों ने परमेश्वर पर चोरी का आरोप लगाया। ग्रामीणों के अनुसार, चोरी के एवज में 2.32 लाख रुपये का जुर्माना तय किया गया था और राशि जमा करने के बाद ही परमेश्वर को छोड़ने की बात कही गई।
वहीं, घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि कालूपाड़ा फुटबॉल मैदान में लगे मेले के दौरान पांच मोबाइल फोन और नकदी से भरा एक बैग लेकर दो व्यक्ति भाग रहे थे। ग्रामीणों के अनुसार, एक व्यक्ति मोबाइल लेकर फरार हो गया, जबकि नकदी से भरा बैग लेकर भाग रहे परमेश्वर कर्मकार को ग्रामीणों ने पकड़ लिया और भागाबांध ले आए।
ग्रामीणों का कहना है कि परमेश्वर के परिजन पहले भी गांव पहुंचे थे। उस समय मामले में फैसला होने के बाद राशि लेकर आने और परमेश्वर को ले जाने की बात कहकर वे वापस चले गए थे। हालांकि, बाद में परिजन राशि लेकर नहीं पहुंचे।
घटनास्थल पर मौजूद परमेश्वर कर्मकार ने बातचीत के दौरान अपने ऊपर लगे चोरी के आरोप को स्वीकार किया। उसने बताया कि घटना के समय बरमसिया गांव का उसका साढ़ू भी उसके साथ था, जो मोबाइल लेकर भाग गया, जबकि नकदी से भरा बैग उसके पास था। परमेश्वर के अनुसार, वह नशे की हालत में था, जिसके कारण वह भाग नहीं सका और ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया।
इधर, घटना की सूचना मिलने पर महेशपुर थाना के एएसआई शाहिद खान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों से परमेश्वर को मुक्त करने को कहा, लेकिन ग्रामीण अपने फैसले पर कायम रहे। ग्रामीणों का कहना था कि गांव में हुए फैसले के अनुसार राशि दिए जाने के बाद ही उसे छोड़ा जाएगा।
खबर लिखे जाने तक पुलिस घटनास्थल पर मौजूद थी और ग्रामीणों को समझाने-बुझाने का प्रयास कर रही थी। मामले में चोरी के आरोप, व्यक्ति को बंधक बनाए जाने, कथित मारपीट और ग्रामीणों की ओर से जुर्माना तय किए जाने को लेकर पुलिस की कार्रवाई और जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।





