
भागलपुर जिले के शाहकुंड प्रखंड स्थित राधानगर गांव में हाल ही में हुई घटना के बाद स्थिति का जायजा लेने विधायक रोहित पांडे पहुंचे। उन्होंने गांव में ग्रामीणों, महिलाओं और पीड़ित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर पूरे मामले की विस्तार से जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि बकरीद के दिन एक समुदाय विशेष द्वारा मंदिर के सामने आपत्तिजनक सामग्री ले जाने से क्षेत्र का माहौल बिगड़ने की कोशिश की गई, जो सामाजिक सौहार्द के लिहाज से अत्यंत गंभीर विषय है।
पुलिस कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल
विधायक के समक्ष ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यशैली को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की। विशेष रूप से गांव की महिलाओं ने आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई के दौरान उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। महिलाओं का कहना है कि बिना महिला पुलिसकर्मियों की उपस्थिति के, पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा उन पर बल प्रयोग किया गया। विधायक ने इसे चिंताजनक बताते हुए कहा कि यदि ये शिकायतें सही हैं, तो यह कतई स्वीकार्य नहीं है और जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ उचित कदम उठाए जाने चाहिए।
दोषियों की गिरफ्तारी और निर्दोषों की सुरक्षा पर जोर
मुलाकात के दौरान ग्रामीणों ने यह भी शिकायत की कि असली दोषियों को पकड़ने के बजाय पुलिस कई निर्दोष लोगों को प्रताड़ित कर रही है। विधायक ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि वे इस मामले में न्याय के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि घटना में शामिल वास्तविक आरोपियों की पहचान हो और किसी भी निर्दोष व्यक्ति को बेवजह परेशान न किया जाए।
मुख्यमंत्री तक पहुंची शिकायत, प्रशासन को दिए निर्देश
इस पूरे प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए विधायक रोहित पांडे ने मुख्यमंत्री को स्थिति से अवगत कराया है। मुख्यमंत्री ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए और जनता की शिकायतों की एक निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए। विधायक ने अंत में ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि प्रशासन से इस मामले में जल्द से जल्द पारदर्शी कार्रवाई की उम्मीद है।





