कदवा (कटिहार): गेठौरा पंचायत के वार्ड संख्या 11 स्थित रौतेय गांव के ग्रामीणों को पक्की और सुगम सड़क नहीं होने के कारण हर मौसम में आवागमन की परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के बाद से अब तक गांव को सुगम पक्की सड़क की सुविधा नहीं मिल सकी है। बरसात के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है, जब कच्ची सड़क पर जलजमाव के कारण कीचड़ हो जाता है और लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव की ओर जाने वाली सड़क के कुछ हिस्से में पक्की सड़क का निर्माण हुआ है, लेकिन बीच के हिस्से में सड़क निर्माण नहीं होने के कारण आज भी लोगों को कच्चे रास्ते से गुजरना पड़ता है। रौतेय गांव से निकटतम बाजार चांदपुर करीब तीन से चार किलोमीटर दूर है। बारिश के मौसम में सड़क की खराब स्थिति के कारण ग्रामीणों को बाजार आने-जाने में भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
सड़क की समस्या का असर गांव के बच्चों और शिक्षकों पर भी पड़ रहा है। रौतेय गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय जाने वाले बच्चों को कीचड़ भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। वहीं शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी विद्यालय पहुंचने और वापस लौटने में परेशानी होती है। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में करीब 3000 लोग निवास करते हैं और खराब सड़क के कारण रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं।
ग्रामीण विमल कुमार, श्रद्धेय विश्वास, दिनेश लाल विश्वास, प्रदीप कुमार, नीरज कुमार, विनोद कुमार, मोहन विश्वास, बलराम विश्वास, बालेश्वर विश्वास, भीम विश्वास, प्रिंस कुमार और शिवम कुमार समेत अन्य ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से रौतेय गांव तक पक्की सड़क का निर्माण कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में तत्काल सड़क को आवागमन योग्य बनाने की दिशा में पहल की जानी चाहिए, ताकि गांव के महिला-पुरुष, युवा और बच्चे बिना परेशानी के आवागमन कर सकें।





