गोड्डा। जिले में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और तकनीक आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने को लेकर गुरुवार को डीआरडीए सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त लोकेश मिश्रा की अध्यक्षता में हुई बैठक में संपूर्ण शिक्षा कवच कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और उनकी नियमित प्रगति की निगरानी पर जोर दिया गया।
बैठक में विद्यालयों में दोतरफा डिजिटल लाइव कक्षाएं, 24 घंटे संदेह समाधान सत्र, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित व्यक्तिगत शिक्षण, परीक्षा श्रृंखला और नियमित मूल्यांकन की व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई। शैक्षणिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें विशेष शैक्षणिक सहयोग देने के साथ कैरियर परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराने की रूपरेखा पर भी विचार किया गया।
कक्षा 11वीं और 12वीं के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए जेईई एवं नीट की ऑनलाइन और ऑफलाइन तैयारी को प्रभावी बनाने पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की छात्राओं को विषयगत शिक्षा तथा बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
उपायुक्त लोकेश मिश्रा ने संबंधित पदाधिकारियों और नोडल शिक्षकों को संपूर्ण शिक्षा कवच कार्यक्रम का नियमित एवं प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने विद्यार्थियों की उपस्थिति, सहभागिता और शैक्षणिक प्रगति की लगातार निगरानी करने को कहा। उपायुक्त ने कहा कि डिजिटल शिक्षा के माध्यम से ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।
बैठक में उपविकास आयुक्त विस्पुते श्रीकांत यशवंत, जिला शिक्षा पदाधिकारी मिथिला टुडू सहित संबंधित विद्यालयों के नोडल शिक्षक और प्रभारी प्रधानाध्यापक मौजूद रहे।




