गोड्डा। समाहरणालय सभागार में मंगलवार को जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त लोकेश मिश्रा की अध्यक्षता में स्पॉन्सरशिप एवं फोस्टर केयर अप्रूवल कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बाल संरक्षण पदाधिकारी ने बताया कि विभिन्न प्रखंडों से स्पॉन्सरशिप योजना के तहत कुल 51 आवेदन प्राप्त हुए हैं। सभी आवेदनों के साथ आवश्यक दस्तावेज संलग्न थे।
प्राप्त आवेदनों के आधार पर सभी संबंधित बच्चों के माता-पिता की वर्तमान आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति की जांच संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों के माध्यम से कराई जा चुकी थी। समिति ने सभी आवेदनों का क्रमवार अवलोकन करने के बाद 51 आवेदनों को अनुमोदित कर दिया।
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर जिन लाभुक बच्चों की उम्र 18 वर्ष पूरी हो चुकी है, उन्हें स्पॉन्सरशिप योजना से मुक्त किया जाए।
क्या है स्पॉन्सरशिप योजना?
स्पॉन्सरशिप योजना के तहत राज्य सरकार पात्र बच्चों को आर्थिक अनुपूरक सहायता प्रदान करती है। योजना के तहत बच्चों को हर महीने 4 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। इस राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई, भोजन, कपड़े और अन्य आवश्यक जरूरतों के लिए किया जा सकता है।
योजना का लाभ ऐसे पात्र बच्चों को दिया जाता है, जिनके माता-पिता का निधन हो चुका है, माता-पिता में से कोई गंभीर बीमारी से पीड़ित है या दोनों किसी कारणवश कारावास में हैं। आवेदन मिलने के बाद बच्चों और उनके माता-पिता की वर्तमान आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति की जांच की जाती है।
बैठक में उप विकास आयुक्त विस्पुते श्रीकांत यशवंत, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा फैजान सरवर, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी राजेश कुमार गुप्ता, संरक्षण अधिकारी ओम प्रकाश, बाल कल्याण समिति की सदस्य सालोमी किस्कू एवं वर्ल्ड विजन से सुजीत चंद्र नायक सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।





