उपायुक्त के निर्देश पर साहिबगंज प्रशासन की संयुक्त टीम ने बरहेट प्रखंड में उर्वरक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान साह कृषि केंद्र, मोदी फर्टिलाइजर समेत तीन दुकानों के स्टॉक, बिक्री पंजी और पीओएस मशीन की गहन जांच की गई। दल ने उर्वरक के नमूने जांच के लिए भेजे हैं और कालाबाजारी न करने की सख्त चेतावनी दी है। दुकानदारों को दर सूची प्रदर्शित करने और नियमानुसार बिक्री के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
खाद की कालाबाजारी पर लगाम: बरहेट में संयुक्त प्रवर्तन दल ने की औचक छापेमारी
बरहेट प्रखंड में किसानों को सही दर और गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शनिवार को जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। अनुमंडल पदाधिकारी अमर जॉन आइंद, जिला कृषि पदाधिकारी प्रमोद एक्का और अंचल अधिकारी की संयुक्त टीम ने बरहेट के प्रमुख खाद केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। टीम ने मुख्य रूप से साह कृषि केंद्र, राजकुमार डोकानिया और मोदी फर्टिलाइजर प्रतिष्ठानों को जांच के दायरे में लिया।
स्टॉक और दस्तावेजों का गहन सत्यापन
निरीक्षण के दौरान टीम ने पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक और गोदाम में मौजूद उर्वरक की भौतिक स्थिति का मिलान किया। सभी दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रतिदिन अद्यतन दर सूची और उपलब्ध स्टॉक की जानकारी दुकान के बाहर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करें। अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि उर्वरकों की बिक्री केवल किसानों को ही की जाए और उन्हें अधिकृत थोक विक्रेताओं से ही खाद क्रय करना होगा।
गुणवत्ता पर विशेष नजर: नमूने प्रयोगशाला भेजे गए
खाद के साथ-साथ कीटनाशकों और कृषि रसायनों की भी जांच की गई। टीम ने रसायनों की एक्सपायरी डेट की पड़ताल की और दुकानदारों को हिदायत दी कि किसी भी हाल में नाबालिग बच्चों या महिलाओं को पेस्टिसाइड न बेचें। पारदर्शिता और गुणवत्ता की पुष्टि के लिए टीम ने बीजों और उर्वरकों के कई नमूने एकत्र किए हैं, जिन्हें जांच हेतु प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। यदि जांच में कोई अनियमितता पाई जाती है, तो प्रतिष्ठानों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कालाबाजारी करने वालों को प्रशासन की चेतावनी
संयुक्त दल ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि यदि उर्वरकों की कालाबाजारी या उनका गैर-कृषि कार्यों में उपयोग पाया गया, तो संबंधित व्यक्तियों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन की इस कार्रवाई से खाद माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है। जिला प्रशासन ने किसानों से भी अपील की है कि वे निर्धारित मूल्य पर ही खाद खरीदें और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी दिखने पर तुरंत इसकी सूचना कृषि विभाग को दें।




