भागलपुर के बरारी-मायागंज क्षेत्र में AICCTU ने मजदूर अधिकारों में कटौती, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में भ्रष्टाचार और लेबर कोड्स कानून के विरोध में प्रदर्शन किया। मजदूरों ने सरकार विरोधी नारे लगाते हुए श्रमिक हितों की रक्षा की मांग उठाई। संगठन के नेताओं ने कहा कि नए श्रम कानून मजदूरों के अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डालेंगे। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष मजदूर शामिल हुए।
मजदूर अधिकारों के मुद्दे पर सड़कों पर उतरा ऐक्टू
भागलपुर के बरारी-मायागंज क्षेत्र में बुधवार को ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन्स (ऐक्टू) के नेतृत्व में निर्माण एवं अन्य असंगठित क्षेत्र के मजदूरों ने विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। मजदूर अधिकारों में कथित कटौती, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में भ्रष्टाचार और मजदूर विरोधी बताए जा रहे लेबर कोड्स कानून को रद्द करने की मांग को लेकर आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रमिक शामिल हुए।
मजदूरों को एकजुट करने के लिए चलाया संपर्क अभियान
प्रदर्शन से पहले ऐक्टू कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र में घर-घर जाकर मजदूरों से संपर्क किया और उन्हें संगठन की मांगों एवं कार्यक्रम की जानकारी दी। इसके बाद बड़ी संख्या में मजदूर एकत्रित हुए और संगठित होकर अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने श्रमिक हितों की रक्षा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
लेबर विभाग पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
प्रदर्शनकारियों ने लेबर विभाग पर श्रमिक निबंधन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभ वितरण में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। मजदूरों का कहना था कि कई पात्र श्रमिक सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं, जबकि प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी के कारण उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। प्रदर्शनकारियों ने इन व्यवस्थागत समस्याओं के समाधान की मांग की।
यूनियन की मजबूती पर दिया गया जोर
कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे ऐक्टू के राज्य सह जिला सचिव मुकेश मुक्त ने प्रदर्शन में शामिल श्रमिकों को संबोधित करते हुए यूनियन की मजबूती की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि मजदूरों की समस्याओं का समाधान केवल संगठित संघर्ष और एकजुटता से ही संभव है। उन्होंने श्रमिकों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और संगठन से जुड़े रहने का आह्वान किया।
लेबर कोड्स पर जताई चिंता
मुकेश मुक्त ने कहा कि नए लेबर कोड्स के माध्यम से मजदूरों के वे अधिकार प्रभावित हो सकते हैं, जिन्हें लंबे संघर्ष के बाद हासिल किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कानूनों से श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा और कानूनी संरक्षण कमजोर होगा। उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और रोजगार के सीमित अवसरों के बीच श्रमिक वर्ग पहले से ही कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहा है।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत करने की मांग
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने की मांग की। उनका कहना था कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर और बिना किसी बाधा के उपलब्ध कराया जाना चाहिए। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर निगरानी और जवाबदेही बढ़ाने की आवश्यकता है।
बड़ी संख्या में मजदूरों की रही भागीदारी
प्रदर्शन में ऐक्टू के राज्य सह जिला सचिव मुकेश मुक्त, जिला संयुक्त सचिव राजेश कुमार, बिहार राज्य निर्माण मजदूर यूनियन के जिला उपाध्यक्ष दिनेश कापरी सहित कई श्रमिक नेताओं ने भाग लिया। इसके अलावा बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष मजदूर भी मौजूद रहे। श्रमिकों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए और श्रमिक हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
मजदूर हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने कहा कि मजदूरों के अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन के लिए संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने श्रमिकों से एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा करने और संगठनात्मक शक्ति को बढ़ाने का आह्वान किया। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन मजदूर संगठनों ने संकेत दिया कि मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है।




