रांची : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) में कुलपति डॉ. राजीव मनोहर की अध्यक्षता में आयोजित पुस्तकालय समिति की बैठक में विश्वविद्यालय के केंद्रीय एवं विभागीय पुस्तकालयों को सुदृढ़ बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में नए शैक्षणिक सत्र से पूर्व पुस्तकों की अभिग्रहण सूची तैयार करने, पुस्तकालयों के अद्यतनकरण, पुस्तक क्रय की स्थायी एवं तात्कालिक नीति निर्धारित करने तथा विद्यार्थियों के लिए बेहतर अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विस्तार से चर्चा हुई।
कुलपति डॉ. राजीव मनोहर ने कहा कि पुस्तकालय किसी भी विश्वविद्यालय की अकादमिक गतिविधियों का केंद्र होता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की बदलती शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय पुस्तकालय व्यवस्था को अधिक प्रभावी, आधुनिक और छात्रोन्मुख बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय जल्द ही पारंपरिक एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग पुस्तकालय और अध्ययन कक्ष की व्यवस्था करेगा। साथ ही नई शिक्षा नीति (NEP) आधारित पुस्तकों को पुस्तकालयों में उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी तेज की जाएगी, ताकि विद्यार्थियों को नवीनतम पाठ्य सामग्री का लाभ मिल सके।
बैठक के बाद कुलपति ने मुख्य अकादमिक भवन में प्रस्तावित रीडिंग रूम के लिए स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को शांत और सुविधाजनक अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है।
बैठक में मानविकी संकाय के डीन डॉ. अयूब, विज्ञान संकाय की डीन डॉ. नमिता सिंह, इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार सिंह, हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. जिंदर सिंह मुंडा तथा विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में केंद्रीय विश्वविद्यालय के पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. एस.के. पाण्डेय उपस्थित थे।




