पाकुड़ में उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने आपूर्ति विभाग की समीक्षा बैठक में खाद्यान्न वितरण व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने जून माह के खाद्यान्न की शत-प्रतिशत डोर स्टेप डिलिवरी और जुलाई माह के समयबद्ध उठाव के निर्देश दिए। साथ ही ई-केवाईसी अभियान में तेजी, राशन वितरण में पारदर्शिता, दाल-भात केंद्रों के उन्नयन तथा लापरवाह पीडीएस विक्रेताओं पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी।
खाद्यान्न वितरण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, उपायुक्त ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
आपूर्ति विभाग की समीक्षा बैठक में योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर दिया जोर
पाकुड़: उपायुक्त मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में आपूर्ति विभाग की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) सहित खाद्यान्न वितरण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि पात्र लाभुकों तक खाद्यान्न की समय पर और निर्बाध आपूर्ति प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है तथा इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
जून माह के खाद्यान्न वितरण को समय पर पूरा करने के निर्देश
बैठक में उपायुक्त ने सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों और प्रभारी सहायक गोदाम प्रबंधकों को निर्देश दिया कि जून माह के खाद्यान्न की शत-प्रतिशत डोर स्टेप डिलिवरी सुनिश्चित की जाए। साथ ही जुलाई माह के खाद्यान्न का उठाव निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र लाभुक राशन प्राप्त करने से वंचित न रहे। यदि किसी स्तर पर वितरण में बाधा आती है तो उसका तत्काल समाधान किया जाए।
लापरवाह पीडीएस विक्रेताओं पर होगी कार्रवाई
समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने उन जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) विक्रेताओं की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया जो नियमित रूप से खाद्यान्न वितरण नहीं कर रहे हैं या अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरत रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता, शिकायत या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की प्राथमिकता है कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी तरीके से पहुंचे।
खाद्यान्न परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने का निर्देश
बैठक में खाद्यान्न परिवहन और उठाव की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने परिवहन सह हथालन अभिकर्ता को निर्देश दिया कि आवश्यकता के अनुसार वाहनों की संख्या बढ़ाई जाए ताकि खाद्यान्न का उठाव और वितरण समय पर पूरा हो सके।
उन्होंने कहा कि समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए परिवहन व्यवस्था का सुचारु होना बेहद आवश्यक है और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए।
नमक, चना दाल और धोती-साड़ी वितरण की समीक्षा
बैठक में नमक, चना दाल, धोती-साड़ी तथा अन्य आवश्यक सामग्रियों के वितरण की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का लाभ निर्धारित समयसीमा के भीतर पात्र लाभुकों तक पहुंचाया जाए।
धोती-साड़ी योजना के तहत लंबित देय राशि को दस दिनों के भीतर जमा कराने का भी निर्देश दिया गया ताकि योजना के संचालन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
ई-केवाईसी अभियान में तेजी लाने पर जोर
ई-केवाईसी अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने इसे और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता बैनर लगाने को कहा ताकि अधिक से अधिक लोग अभियान से जुड़ सकें।
इसके साथ ही श्रम विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर प्रवासी श्रमिकों को भी ई-केवाईसी प्रक्रिया से जोड़ने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र लाभुक केवल तकनीकी कारणों से सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।
दाल-भात केंद्रों को मॉडल केंद्र बनाने की पहल
बैठक में जिले के दाल-भात केंद्रों की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने इन केंद्रों को मॉडल केंद्र के रूप में विकसित करने का निर्देश देते हुए कहा कि जरूरतमंद लोगों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को नियमित क्षेत्र भ्रमण, औचक निरीक्षण और योजनाओं की सतत निगरानी करने का निर्देश दिया, ताकि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सही समय पर सही लोगों तक पहुंच सके।




