‘चुप्पी तोड़ो, स्वस्थ रहो’ अभियान संपन्न, माहवारी स्वच्छता को लेकर महिलाओं और किशोरियों को जागरूक किया

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पाकुड़ जिले में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत आयोजित ‘चुप्पी तोड़ो, स्वस्थ रहो’ अभियान का समापन हुआ। अभियान के दौरान माहवारी स्वच्छता प्रबंधन, महिलाओं के स्वास्थ्य और सुरक्षित व्यवहार को लेकर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, शपथ ग्रहण और संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से किशोरियों एवं महिलाओं को स्वच्छता अपनाने तथा माहवारी से जुड़े मिथकों को दूर करने का संदेश दिया गया।

 

‘चुप्पी तोड़ो, स्वस्थ रहो’ अभियान का समापन, माहवारी स्वच्छता पर जागरूकता का संदेश

जिलेभर में आयोजित हुए जागरूकता कार्यक्रम, महिलाओं और किशोरियों को दी गई महत्वपूर्ण जानकारी

पाकुड़ : स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर 28 मई से 4 जून तक चलाए गए ‘चुप्पी तोड़ो, स्वस्थ रहो’ अभियान का गुरुवार को जिलेभर में विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रमों के साथ समापन हो गया। जिला जल एवं स्वच्छता समिति के नेतृत्व में सभी प्रखंडों, पंचायतों और गांवों में विशेष गतिविधियों का आयोजन कर महिलाओं, किशोरियों और ग्रामीण समुदाय को माहवारी स्वच्छता प्रबंधन के प्रति जागरूक किया गया।

महिलाओं के स्वास्थ्य और सम्मान पर दिया गया विशेष जोर

अमड़ापाड़ा प्रखंड सभागार में आयोजित समापन कार्यक्रम में माहवारी स्वच्छता, महिलाओं के स्वास्थ्य, सम्मान और सुरक्षित व्यवहार से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों को बताया गया कि मासिक धर्म एक प्राकृतिक प्रक्रिया है और इसे लेकर समाज में व्याप्त भ्रांतियों एवं संकोच को दूर करना आवश्यक है।

विशेषज्ञों ने महिलाओं और किशोरियों को स्वच्छता संबंधी सही व्यवहार अपनाने, नियमित स्वास्थ्य जांच कराने तथा सुरक्षित माहवारी प्रबंधन के तरीकों की जानकारी दी। साथ ही यह भी बताया गया कि जागरूकता और सही जानकारी के माध्यम से महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों से दिया गया स्वच्छता का संदेश

पाकुड़ प्रखंड की शहरकोल पंचायत स्थित गोसाईपुर गांव में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं और ग्रामीणों ने आदिवासी सांस्कृतिक नृत्य एवं लोक प्रस्तुतियों के माध्यम से माहवारी स्वच्छता का संदेश दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए लोगों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि माहवारी के दौरान स्वच्छता बनाए रखना महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम में महिलाओं और किशोरियों को सुरक्षित माहवारी प्रबंधन, स्वच्छ सैनिटरी पैड अथवा साफ कपड़े के उपयोग तथा संक्रमण से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। सांस्कृतिक माध्यमों से दिए गए संदेशों को ग्रामीणों ने काफी सराहा।

मिथकों और झिझक को दूर करने की पहल

अभियान के दौरान माहवारी से जुड़े सामाजिक मिथकों और गलत धारणाओं को समाप्त करने पर विशेष बल दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि आज भी कई क्षेत्रों में महिलाएं और किशोरियां इस विषय पर खुलकर बात करने से हिचकिचाती हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

इसलिए ‘चुप्पी तोड़ो, स्वस्थ रहो’ अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को खुलकर संवाद करने के लिए प्रेरित करना और माहवारी स्वच्छता को लेकर सकारात्मक वातावरण तैयार करना था। कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों को स्वच्छता संबंधी व्यवहार अपनाने और दूसरों को भी जागरूक करने का संदेश दिया गया।

स्वच्छता शपथ के साथ सुरक्षित माहवारी प्रबंधन का संकल्प

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों और महिलाओं को स्वच्छता शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर “सुरक्षित स्वास्थ्य अपनाना है, तो पैड अथवा स्वच्छ कपड़ा इस्तेमाल में लाना है” तथा “पर्यावरण की रक्षा हेतु माहवारी अपशिष्ट का सुरक्षित निपटान करना है” जैसे संदेश दिए गए।

प्रतिभागियों ने व्यक्तिगत स्वच्छता के साथ-साथ सामुदायिक स्वच्छता बनाए रखने और माहवारी प्रबंधन के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

अभियान की सफलता में कई संस्थाओं की रही भूमिका

इस अवसर पर जिला समन्वयक (आईईसी) इमरान आलम, कनीय अभियंता शुभेंदु मिश्रा, मास्टर जलसहिया रेणुका मुर्मू, विभिन्न पंचायतों की जलसहियाएं, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

अभियान के सफल संचालन में जिला जल एवं स्वच्छता समिति, प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों, जलसहियाओं एवं स्वयं सहायता समूहों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस पहल के माध्यम से महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य, सम्मान और स्वच्छता को बढ़ावा देने की दिशा में सार्थक प्रयास किया गया।

rohini shree
Author: rohini shree

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