गोड्डा के बोआरीजोर प्रखंड में डीडीसी विस्पुते श्रीकांत यशवंत ने अबुआ आवास योजना के तहत पूर्ण हुए घरों का निरीक्षण कर लाभुकों का गृह प्रवेश कराया। उन्होंने लाभुकों से संवाद कर आवास की गुणवत्ता और सुविधाओं की जानकारी ली। दौरे के दौरान आम बागवानी परियोजनाओं का भी निरीक्षण किया गया तथा अधिकारियों को नियमित निगरानी, तकनीकी सहयोग और लाभुकों की आय बढ़ाने के लिए प्रभावी कार्य करने के निर्देश दिए।
डीडीसी ने लाभुकों का कराया गृह प्रवेश, अबुआ आवास और आम बागवानी योजनाओं का किया निरीक्षण
गोड्डा। जिले के बोआरीजोर प्रखंड अंतर्गत कुशबिल्ला और राजाभीठा पंचायत में शनिवार को उप विकास आयुक्त (डीडीसी) विस्पुते श्रीकांत यशवंत ने विभिन्न विकास योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी अबुआ आवास योजना के तहत पूर्ण हो चुके आवासों का जायजा लिया और लाभुक परिवारों का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ गृह प्रवेश कराया। कार्यक्रम के दौरान लाभुक परिवारों में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
निरीक्षण के क्रम में डीडीसी ने नव निर्मित आवासों की गुणवत्ता, निर्माण कार्य की स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने लाभुकों से सीधे संवाद कर योजना से मिलने वाले लाभों और उनकी आवश्यकताओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। लाभुकों ने सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए आवास के लिए खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक आवास में रहने का अवसर मिला है।
डीडीसी ने लाभुकों को अपने आवास की नियमित देखभाल करने और आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अबुआ आवास योजना का उद्देश्य समाज के आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित तथा सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है। इस योजना के माध्यम से हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है और उनके जीवन स्तर में सुधार हो रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कोई भी पात्र परिवार आवास जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित न रहे। इसके लिए प्रशासन लगातार योजनाओं की निगरानी कर रहा है तथा समयबद्ध तरीके से कार्यों को पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है।
दौरे के दौरान उप विकास आयुक्त ने क्षेत्र में संचालित आम बागवानी परियोजनाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पौधों की स्थिति, संरक्षण कार्य, सिंचाई व्यवस्था और लाभुकों द्वारा किए जा रहे रखरखाव का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को बागवानी योजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने तथा लाभुकों को आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
डीडीसी ने कहा कि बागवानी आधारित योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से किसानों और ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त आय के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने लाभुकों को वैज्ञानिक पद्धति से पौधों की देखभाल करने, समय पर सिंचाई और संरक्षण उपाय अपनाने के लिए प्रेरित किया ताकि भविष्य में बेहतर उत्पादन प्राप्त हो सके।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचे। इसी उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं की नियमित समीक्षा, निरीक्षण और अनुश्रवण किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और लाभुकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
इस अवसर पर बोआरीजोर प्रखंड विकास पदाधिकारी, जिला परिषद सदस्य, संबंधित पंचायतों के मुखिया, स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रखंड स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और लाभुक उपस्थित रहे।






