जिला स्तरीय एडवोकेसी बैठक में बाल संरक्षण तंत्र को मजबूत बनाने पर व्यापक मंथन और चर्चा

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साहिबगंज में जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी कार्यालय में आयोजित जिला स्तरीय एडवोकेसी बैठक में बाल संरक्षण तंत्र को अधिक प्रभावी और सुदृढ़ बनाने पर चर्चा हुई। झारखंड विकास परिषद और जिला बाल संरक्षण इकाई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विभागों, संस्थाओं और बाल संरक्षण से जुड़े हितधारकों ने भाग लिया। बैठक में बच्चों की सुरक्षा, चुनौतियों, उपलब्धियों और समन्वित कार्ययोजना पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

 

बाल संरक्षण तंत्र को सशक्त बनाने पर जिला स्तरीय एडवोकेसी बैठक में हुआ मंथन

साहिबगंज। जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी कार्यालय, साहिबगंज में बुधवार को बाल संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न संस्थाओं और हितधारकों के साथ एक दिवसीय जिला स्तरीय एडवोकेसी बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जिले में बाल संरक्षण से जुड़ी चुनौतियों, उपलब्धियों और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर चर्चा करते हुए बाल संरक्षण तंत्र को और अधिक प्रभावी एवं सशक्त बनाना था।
यह बैठक झारखंड विकास परिषद, पतना (साहिबगंज) तथा जिला बाल संरक्षण इकाई, साहिबगंज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई। बैठक में बाल अधिकारों की सुरक्षा, बच्चों के समग्र विकास और संवेदनशील मामलों के त्वरित समाधान को लेकर विभिन्न पहलुओं पर गंभीरता से चर्चा की गई।
कार्यक्रम में जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, किशोर न्याय बोर्ड, बाल गृह (बालक) साहिबगंज तथा अन्य संबंधित विभागों और संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। उपस्थित प्रतिभागियों ने बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार रखे और जमीनी स्तर पर आने वाली चुनौतियों को साझा किया।
बैठक के दौरान बच्चों के संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य, पुनर्वास और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। साथ ही बाल श्रम, बाल विवाह, मानव तस्करी, बाल उत्पीड़न और अन्य सामाजिक समस्याओं की रोकथाम के लिए सामूहिक प्रयासों को और मजबूत करने पर सहमति बनी।
विशेषज्ञों ने कहा कि बाल संरक्षण केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए प्रशासन, सामाजिक संगठनों, विद्यालयों, अभिभावकों और समुदाय के संयुक्त प्रयास आवश्यक हैं। बच्चों के हितों की रक्षा के लिए विभिन्न संस्थाओं के बीच नियमित संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने की जरूरत बताई गई।
बैठक में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की भूमिका, किशोर न्याय अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, बाल कल्याण समिति की कार्यप्रणाली तथा बाल गृहों में उपलब्ध सुविधाओं पर भी चर्चा की गई। प्रतिभागियों ने बाल संरक्षण संबंधी मामलों में त्वरित कार्रवाई और जागरूकता अभियान को बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी हितधारकों ने बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और बाल संरक्षण तंत्र को मजबूत बनाने के लिए समन्वित रूप से कार्य करने का संकल्प लिया। उपस्थित अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार की बैठकें विभिन्न संस्थाओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने और बाल संरक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
rohini shree
Author: rohini shree

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