
महागामा: ऊर्जा नगर स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में देव स्नान पूर्णिमा के पावन अवसर पर सोमवार को भगवान जगन्नाथ के प्राकट्य उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 108 पवित्र कलशों के जल से महाअभिषेक किया गया। मंदिर परिसर “जय जगन्नाथ” के जयघोष से गूंज उठा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
सुबह से ही मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। आकर्षक सजावट और भक्तिमय वातावरण ने पूरे मंदिर परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देव स्नान पूर्णिमा के दिन महाअभिषेक के बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा 15 दिनों के अनासर (विश्राम) काल में प्रवेश करते हैं। इस दौरान भगवान के प्रत्यक्ष दर्शन नहीं होते। इसके बाद भगवान नवयौवन वेश में भक्तों को दर्शन देंगे और फिर विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा का शुभारंभ होगा।
देव स्नान पूर्णिमा के साथ ही ऊर्जा नगर जगन्नाथ मंदिर में आगामी रथ यात्रा की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। मंदिर प्रबंधन रथ यात्रा की सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटा है। श्रद्धालुओं में भी इस ऐतिहासिक और धार्मिक आयोजन को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। भक्तों ने उपवास रखकर समाज में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

