
गोड्डा: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JHALSA) के निर्देश पर चल रहे 90 दिवसीय इंटेंसिव विधिक जागरूकता अभियान के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) गोड्डा द्वारा जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों और पंचायतों में कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। यह अभियान डालसा के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश कुमार तथा सचिव दीपक कुमार के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है।
इसी क्रम में मछिया सिमरडा क्षेत्र में आयोजित शिविर में डालसा की टीम सदस्य मार्था टुडू ने महिलाओं को घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महिलाओं को संविधान के तहत पुरुषों के समान अधिकार प्राप्त हैं और घरेलू हिंसा केवल शारीरिक मारपीट तक सीमित नहीं है। मानसिक प्रताड़ना, गाली-गलौज, अपमान, धमकी, आर्थिक शोषण, जबरन यौन संबंध या किसी भी प्रकार का यौन उत्पीड़न भी घरेलू हिंसा की श्रेणी में आता है।
उन्होंने महिलाओं से अपील की कि यदि उनके साथ किसी भी प्रकार की घरेलू हिंसा या उत्पीड़न की घटना होती है, तो वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में आवेदन देकर निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकती हैं। इसके अलावा संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराकर भी कानूनी संरक्षण हासिल किया जा सकता है।
डालसा की ओर से बताया गया कि इस 90 दिवसीय अभियान का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना, महिलाओं को न्याय तक आसान पहुंच उपलब्ध कराना तथा जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान करना है। आने वाले दिनों में जिले के विभिन्न प्रखंडों और थाना क्षेत्रों में ऐसे जागरूकता शिविर लगातार आयोजित किए जाएंगे।

