भागलपुर: सम्मान समारोह समिति, भागलपुर के तत्वावधान में “रायबहादुर वंशीधर ढांढनिया स्मृति मेधावी छात्र प्रतिभा सम्मान समारोह–2026” का भव्य आयोजन आनंदराम ढांढनिया सरस्वती विद्या मंदिर के सभागार में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के विभिन्न वर्गों के 50 से अधिक मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके बाद मंचासीन अतिथियों का पुष्पमाला एवं अंगवस्त्र से स्वागत किया गया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, भागलपुर महानगर के सह-महानगर संघचालक रतन भालोटिया ने कहा कि प्रतिभा तभी सार्थक होती है, जब उसके साथ संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का भाव जुड़ा हो। वहीं सम्मान समारोह समिति के अध्यक्ष अशोक भिवानीवाला ने कहा कि समाज का वास्तविक विकास प्रतिभा के सम्मान और शिक्षा के निरंतर प्रोत्साहन से ही संभव है।
वरिष्ठ आयकर अधिवक्ता एवं भागलपुर जिला अग्रवाल सम्मेलन के अध्यक्ष बद्री प्रसाद छापोलिका ने विद्यार्थियों को उत्कृष्टता को लक्ष्य बनाकर आगे बढ़ने का संदेश दिया। विद्यालय अध्यक्ष अतुल ढांढनिया ने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कारों का मंदिर भी है।
रायबहादुर वंशीधर ढांढनिया के सुपौत्र आलोक ढांढनिया ने कहा कि यह सम्मान समारोह शिक्षा और संस्कार की परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास है। वहीं विद्यालय के प्रधानाचार्य सुमंत कुमार ने कहा कि मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान अन्य छात्रों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे लक्ष्मी नारायण डोकानिया ने कहा कि प्रतिभा का सम्मान समाज की सबसे बड़ी पूंजी में निवेश है। सम्मान समारोह समिति के महामंत्री अभिषेक कुमार जैन ने विद्यार्थियों से ज्ञान, अनुशासन और श्रेष्ठ मूल्यों के साथ समाज और राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
समारोह में अभिभावकों, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ हुआ। सभी अतिथियों ने सम्मानित विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं दीं।





