पटना: बक्सर में ईटाढ़ी रेल गुमटी खोलने और रेल ओवरब्रिज की जल्द मरम्मत कराने की मांग को लेकर चल रहे रेल चक्का जाम के बीच कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। रेल चक्का जाम कर रहे कांग्रेस नेताओं और संयुक्त संघर्ष समिति के सदस्यों को हिरासत में लिए जाने पर प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने प्रशासन से हिरासत में लिए गए कांग्रेस नेताओं और संघर्ष समिति के सदस्यों को अविलंब रिहा करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ईटाढ़ी रेल गुमटी खोलने और रेल ओवरब्रिज की मरम्मत की मांग पूरी तरह जनहित से जुड़ी हुई है। ऐसे में इस मुद्दे को लेकर आवाज उठा रहे लोगों को हिरासत में लेना प्रशासन का गैर-जिम्मेदाराना रवैया है।
उन्होंने कहा कि पिछले करीब तीन महीने से कांग्रेस और स्थानीय लोग रेल प्रशासन एवं जिला प्रशासन के सामने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखते आ रहे हैं, लेकिन अब तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। कांग्रेस प्रवक्ता के मुताबिक, नवनिर्मित रेल ओवरब्रिज उद्घाटन से पहले ही क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि रेल गुमटी को भी बंद कर दिया गया। इससे बक्सर के एक बड़े हिस्से के लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
डॉ. वर्धन ने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर इस गंभीर जनसमस्या के समाधान के लिए पर्याप्त पहल नहीं की गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की स्थानीय जिला कमेटी ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया और दानापुर डीआरएम से मुलाकात कर लोगों की समस्या से अवगत कराया।
उन्होंने कहा कि रेल गुमटी के दूसरी तरफ कई स्कूल और कॉलेज स्थित हैं। गुमटी बंद होने के कारण छात्रों और युवाओं समेत आम लोगों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। लंबे समय से समस्या का समाधान नहीं होने के बाद कांग्रेस नेताओं और संयुक्त संघर्ष समिति ने रेल चक्का जाम का आह्वान किया।
डॉ. स्नेहाशीष वर्धन के अनुसार, आंदोलन के दौरान पुलिस ने कांग्रेस के जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय, वरिष्ठ नेता हरिशंकर त्रिवेदी, संयुक्त संघर्ष समिति के नेता सरोज राजभर समेत बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
कांग्रेस ने प्रशासन से मांग की है कि हिरासत में लिए गए सभी नेताओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा किया जाए। साथ ही ईटाढ़ी रेल गुमटी को जल्द खोलने और क्षतिग्रस्त रेल ओवरब्रिज की शीघ्र मरम्मत कराने की दिशा में ठोस कार्रवाई की जाए।
कांग्रेस का कहना है कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों की सुविधा और जनहित से जुड़े मुद्दे को लेकर किया जा रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मांग पर क्या कदम उठाता है और रेल गुमटी खोलने तथा ओवरब्रिज की मरम्मत को लेकर आगे क्या कार्रवाई होती है।





