पाकुड़: पाकुड़ सहित संथाल परगना के विभिन्न महाविद्यालयों में स्नातक की सीटों में की गई कटौती के विरोध में छात्र-छात्राओं ने आंदोलन तेज करने का फैसला लिया है। छात्र अब 10 अगस्त को विश्वविद्यालय का घेराव कर अपनी मांगों को मजबूती से रखने की तैयारी में हैं।
केकेएम कॉलेज स्थित आदिवासी कल्याण बालक छात्रावास के छात्र नेता कमल मुर्मू ने बताया कि स्नातक सीटों की संख्या पूर्ववत रखने की मांग को लेकर छात्र-छात्राएं पिछले तीन दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि लगातार विरोध और मांग के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अब तक इस मामले में कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
कमल मुर्मू के अनुसार, पाकुड़ सहित संथाल परगना के विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने संयुक्त रूप से निर्णय लिया है कि 10 अगस्त को विश्वविद्यालय का घेराव किया जाएगा। इस दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष स्नातक सीटों में की गई कटौती को वापस लेने और सीटों की संख्या पूर्ववत करने की मांग रखी जाएगी।
उन्होंने कहा कि जब तक विश्वविद्यालय प्रशासन स्नातक सीटों में की गई कटौती पर पुनर्विचार नहीं करता, तब तक छात्र-छात्राओं का आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों का आरोप है कि सीटों में भारी कटौती से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के उच्च शिक्षा से वंचित होने की स्थिति पैदा हो सकती है।
छात्र नेता ने बताया कि केकेएम कॉलेज, पाकुड़ में पहले स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए 4800 सीटें निर्धारित थीं, जिन्हें घटाकर अब 1800 कर दिया गया है। छात्रों का कहना है कि सीटों में इतनी बड़ी कटौती से स्थानीय विद्यार्थियों के लिए कॉलेज में दाखिला लेना मुश्किल हो जाएगा और बड़ी संख्या में छात्र उच्च शिक्षा के अवसर से वंचित हो सकते हैं।
कमल मुर्मू ने बताया कि इस मामले को लेकर कई बार कॉलेज के प्राचार्य के माध्यम से विश्वविद्यालय प्रशासन को जानकारी दी गई और सीटों की संख्या पूर्ववत करने की मांग रखी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से समाधान नहीं मिलने के बाद छात्र-छात्राओं ने आंदोलन का रास्ता अपनाने का निर्णय लिया है।
छात्रों का कहना है कि 10 अगस्त का विश्वविद्यालय घेराव उनकी मांगों को लेकर आंदोलन का अगला बड़ा चरण होगा। अब देखना होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की मांगों पर क्या कदम उठाता है और क्या स्नातक सीटों में की गई कटौती पर पुनर्विचार किया जाता है।




