लिट्टीपाड़ा: विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान यानी SIR को लेकर शुक्रवार को लिट्टीपाड़ा प्रखंड सभागार में सभी बीएलओ और बीएलओ पर्यवेक्षकों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी संजय कुमार ने की। प्रशिक्षण के दौरान प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद शुरू होने वाले दावा-आपत्ति चरण, मतदाताओं के आवेदनों के निष्पादन और विशेष कैंप के आयोजन को लेकर अधिकारियों और कर्मियों को विस्तार से जानकारी दी गई।
प्रखंड विकास पदाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि SIR के तहत प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद मतदाता सूची को दुरुस्त करने के लिए 8 और 9 अगस्त को सभी मतदान केंद्रों पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे। इन कैंपों में मतदाताओं को अपने नाम और अन्य विवरण से संबंधित दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने बीएलओ और पर्यवेक्षकों को निर्देश दिया कि विशेष कैंप के दौरान अधिक से अधिक मतदाताओं तक पहुंच सुनिश्चित की जाए और मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के लिए गंभीरता से कार्य किया जाए। अधिकारियों को प्राप्त दावों और आपत्तियों का निर्धारित नियमों के अनुसार निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया।
नए मतदाताओं के लिए फॉर्म-6, संशोधन के लिए फॉर्म-8
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि विशेष कैंप में फॉर्म-6 के माध्यम से नए मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए आवेदन लिए जाएंगे। वहीं फॉर्म-8 के जरिए मतदाता के नाम, पते और अन्य विवरण में संशोधन तथा स्थानांतरण से संबंधित आवेदन प्राप्त किए जाएंगे।
बीएलओ को निर्देश दिया गया कि कैंप के दौरान प्राप्त सभी आवेदनों की आवश्यक जांच करें और निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करें।
दावा-आपत्ति प्रक्रिया की दी गई जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान बीडीओ ने दावा-आपत्ति चरण के उद्देश्य और इसकी पूरी प्रक्रिया पर भी विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों ने बीएलओ और पर्यवेक्षकों को गणना प्रपत्र, मतदाताओं के नामांकन तथा जनसंपर्क गतिविधियों के साथ-साथ फॉर्म-6, फॉर्म-6ए, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के उपयोग एवं वर्गीकरण के बारे में बताया।
अधिकारियों ने कहा कि मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने के लिए प्रत्येक आवेदन, दावा और आपत्ति की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुरूप पूरी करना जरूरी है।
नोटिस और सुनवाई की प्रक्रिया भी समझाई
प्रशिक्षण के दौरान नोटिस जारी करने, उसकी सुनवाई और निस्तारण की प्रक्रिया के बारे में भी बीएलओ और पर्यवेक्षकों को जानकारी दी गई। बताया गया कि अनमैप्ड मतदाताओं, ऐसे मैप्ड मतदाताओं जिनके विवरण में विसंगति है तथा अन्य आवश्यक श्रेणियों के मतदाताओं को नियमानुसार नोटिस जारी किया जा सकता है।
इसके अलावा फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के माध्यम से प्राप्त दावों एवं आपत्तियों की भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुनवाई और निस्तारण किया जाएगा।
अधिकारियों ने बीएलओ और पर्यवेक्षकों से विशेष कैंप के दौरान मतदाताओं के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने और प्राप्त दावे-आपत्तियों को गंभीरता से लेते हुए समय पर कार्रवाई करने को कहा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन और व्यवस्थित बनाना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में निर्वाचन नोडल पदाधिकारी त्रिदीप शील, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी कमल पहाड़िया, मानिक चंद्र दास सहित कई अधिकारी, बीएलओ और बीएलओ पर्यवेक्षक मौजूद रहे।




