पाकुड़: सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और सुरक्षित यातायात व्यवहार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शनिवार को पाकुड़ पॉलिटेक्निक कॉलेज में एक दिवसीय सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में कॉलेज के सभी बैच के करीब 200 से 300 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को सड़क सुरक्षा अभियान से जोड़ने के साथ उन्हें जिम्मेदार नागरिक और जिम्मेदार वाहन चालक के रूप में अपनी भूमिका के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों को बताया गया कि सड़क पर स्वयं सुरक्षित रहने के साथ-साथ दूसरों की सुरक्षा का ध्यान रखना भी प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
राह-वीर और कैशलेस उपचार योजना की दी जानकारी
कार्यशाला में विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी गई। इस दौरान सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और दुर्घटना पीड़ितों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने के लिए सरकार की ओर से संचालित योजनाओं एवं व्यवस्थाओं के बारे में बताया गया।
विद्यार्थियों को राह-वीर योजना, कैशलेस उपचार योजना और हिट एंड रन योजना सहित अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई और इनके महत्व को समझाया गया।
दुर्घटना डाटाबेस और ई-डीएआर की भूमिका पर चर्चा
कार्यक्रम के दौरान सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित आंकड़ों के संग्रहण, विश्लेषण और प्रबंधन में एकीकृत सड़क दुर्घटना डाटाबेस तथा ई-डीएआर की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया।
विद्यार्थियों को बताया गया कि आधुनिक तकनीक और आंकड़ों पर आधारित कार्यप्रणाली के माध्यम से दुर्घटनाओं के कारणों का वैज्ञानिक तरीके से विश्लेषण किया जा सकता है। इसके आधार पर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर सड़क हादसों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं।
हेलमेट, सीट बेल्ट और गति नियंत्रण पर जोर
कार्यशाला में मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के प्रमुख प्रावधानों और उनके अनुपालन को लेकर भी विद्यार्थियों को जागरूक किया गया।
हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, वाहन की गति नियंत्रित रखने, वैध ड्राइविंग लाइसेंस रखने, वाहन के आवश्यक दस्तावेज साथ रखने, नशे की स्थिति में वाहन नहीं चलाने, यातायात संकेतों का पालन करने तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
विद्यार्थियों को समझाया गया कि यातायात नियमों का पालन केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि स्वयं और दूसरे लोगों की जिंदगी सुरक्षित रखने के लिए जरूरी है।
बारिश में सुरक्षित वाहन संचालन की दी जानकारी
मानसून के मौसम को देखते हुए बारिश के दौरान सुरक्षित वाहन संचालन और आवागमन के नियमों पर भी विशेष चर्चा की गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि बारिश के समय सड़क पर फिसलन, जलजमाव और कम दृश्यता जैसी परिस्थितियां दुर्घटना का कारण बन सकती हैं।
ऐसी स्थिति में वाहन की गति नियंत्रित रखना, सामने चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी बनाए रखना, अचानक ब्रेक लगाने से बचना और यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करना बेहद जरूरी है।
तकनीकी विद्यार्थी सड़क सुरक्षा में निभा सकते हैं अहम भूमिका
कार्यशाला में तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों की सड़क सुरक्षा में संभावित भूमिका पर भी चर्चा हुई। विद्यार्थियों को बताया गया कि पॉलिटेक्निक कॉलेज के तकनीकी विद्यार्थी नई तकनीक, नवाचार, आंकड़ा प्रबंधन और आधुनिक कार्यप्रणाली के माध्यम से सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
उनसे सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए नए तकनीकी विचार और प्रभावी समाधान विकसित कर उन्हें धरातल पर उतारने की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम में जिला परिवहन पदाधिकारी पाकुड़ मोहम्मद मोजाहिद अंसारी, सड़क सुरक्षा प्रबंधक रितेश कुमार सिंह, रोड इंजीनियर एनालिस्ट मोहम्मद अजहद अंसारी, पाकुड़ पॉलिटेक्निक कॉलेज की प्राचार्या, शिक्षकगण सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
जिला परिवहन पदाधिकारी मोहम्मद मोजाहिद अंसारी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा केवल परिवहन विभाग या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से सड़क सुरक्षा के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं यातायात नियमों का पालन करने के साथ अपने परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की।
एक दिवसीय कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने, जिम्मेदार यातायात व्यवहार विकसित करने और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सामूहिक प्रयासों को मजबूत करने का संदेश दिया गया। कार्यशाला में युवाओं को यह समझाने का प्रयास किया गया कि सड़क पर एक छोटी सी सावधानी भी किसी बड़े हादसे को रोक सकती है और सुरक्षित यातायात की जिम्मेदारी हर व्यक्ति की है।





