पाकुड़। किसानों को खाद की खरीदारी में हो रही परेशानी और डीएपी एवं यूरिया की कथित कालाबाजारी के खिलाफ पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र की विधायक निसात आलम ने पहल की है। विधायक ने झारखंड सरकार की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की से मुलाकात कर बरहरवा, कोटालपोखर और गुमानी के स्थानीय बाजारों में किसानों से डीएपी एवं यूरिया की निर्धारित सरकारी दर से अधिक कीमत वसूले जाने की शिकायत की।
विधायक निसात आलम ने कृषि मंत्री को बताया कि किसानों से डीएपी और यूरिया की बिक्री निर्धारित सरकारी दर से अधिक कीमत पर किए जाने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। उनके अनुसार सरकारी निर्धारित दर पर डीएपी की कीमत 1350 रुपये प्रति बोरा और यूरिया की कीमत 266.50 रुपये प्रति बोरा है। इसके बावजूद स्थानीय बाजारों में डीएपी के लिए 1850 रुपये प्रति बोरा और यूरिया के लिए 350 रुपये प्रति बोरा तक वसूले जाने की शिकायत सामने आई है।
विधायक ने कहा कि खाद की बढ़ी हुई कीमत का सीधा असर किसानों की आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है। खेती के लिए आवश्यक खाद खरीदना किसानों की मजबूरी है, लेकिन निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूले जाने से उनकी परेशानी और बढ़ रही है। किसानों से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद उन्होंने विभागीय अधिकारियों से भी मामले को लेकर बातचीत की और फिर कृषि मंत्री के समक्ष पूरे मामले को रखा।
निसात आलम ने कृषि मंत्री से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने के लिए जांच समिति गठित करने की मांग की। उन्होंने कथित कालाबाजारी और निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूली में शामिल लोगों की पहचान कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की, ताकि किसानों को खाद उचित दर पर उपलब्ध हो सके।
कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने और किसानों की समस्या का समाधान सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
विधायक निसात आलम ने कहा कि किसानों के अधिकार और हितों की रक्षा के लिए वह लगातार आवाज उठाती रहेंगी। उन्होंने कहा कि खेती के लिए जरूरी खाद किसानों को निर्धारित सरकारी दर पर उपलब्ध कराना आवश्यक है, ताकि उन्हें आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके और कृषि कार्य प्रभावित न हो।




