राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली तथा बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश पर मध्यस्थता 3.0 अभियान 1 सितंबर 2026 से प्रारंभ किया गया है। आगामी 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को ध्यान में रखते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, कटिहार रणवीर सिंह की अध्यक्षता में सभी प्रशिक्षित मध्यस्थ अधिवक्ताओं एवं न्यायिक पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, कटिहार रणवीर सिंह के मार्गदर्शन में मध्यस्थता के माध्यम से अधिक से अधिक वादों के निष्पादन के लिए सभी प्रशिक्षित मध्यस्थों को प्रेरित किया गया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि न्यायिक पदाधिकारियों को अधिक से अधिक वादों को मध्यस्थता केंद्र में भेजने के लिए निर्देशित किया जाएगा, ताकि मध्यस्थता के माध्यम से मामलों का शीघ्र एवं प्रभावी ढंग से निष्पादन किया जा सके।
बैठक में न्यायिक पदाधिकारी सह प्रशिक्षित मध्यस्थ के रूप में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-VIII शैलेन्द्र शर्मा, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-V द्विजेन्द्र कुमार, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-IX महेंद्र प्रसाद यादव, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश सह विशेष न्यायालय, उत्पाद-II सौरभ सिंह तथा अवर न्यायाधीश कमलेश सिंह देऊ सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, कटिहार रणवीर सिंह ने प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से कटिहार जिले के आम लोगों से अपील की कि अधिक से अधिक संख्या में लोग मध्यस्थता अभियान का लाभ उठाएं तथा आगामी 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से अपने वादों का निपटारा कराएं।
उन्होंने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत और मध्यस्थता अभियान के माध्यम से मामलों के निपटारे के लिए उपलब्ध इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाया जाए।





