घाटशिला: सोना देवी विश्वविद्यालय, घाटशिला परिसर में 80वां स्वतंत्रता दिवस उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने झंडोत्तोलन किया। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी और अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
कुलाधिपति ने दिया राष्ट्र प्रथम का संदेश
झंडोत्तोलन के बाद कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता की कीमत देश के हर नागरिक को समझनी चाहिए। आजादी के लिए लंबे संघर्ष और त्याग की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि भारत सिर्फ एक देश नहीं, बल्कि हमारी मातृभूमि है।
उन्होंने देशभक्ति का अर्थ बताते हुए कहा कि सभी को जिम्मेदार नागरिक बनना चाहिए, अपने कर्तव्यों का सही तरीके से पालन करना चाहिए और संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवा वर्ग की बड़ी जिम्मेदारी है और सभी को राष्ट्र प्रथम के सिद्धांत पर चलना चाहिए।
तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ब्रज मोहन पाट पिंगुवा ने कहा कि लाखों लोगों के बलिदान के बाद देश को आजादी मिली है। उन्होंने कहा कि तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद भारत कई क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बन चुका है, लेकिन तकनीक के क्षेत्र में अभी और काम करने की जरूरत है।
उन्होंने सोना देवी विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों से तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ने और बाजार की जरूरतों के अनुरूप उत्पाद तैयार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी लोग ईमानदारी से अपने कार्य का निर्वहन करें, यही सच्ची देशभक्ति होगी।
सामाजिक समरसता और विकास पर जोर
विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. नित नयना ने कहा कि सामाजिक समरसता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए प्रत्येक व्यक्ति को ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ काम करना चाहिए।
विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए देशभक्ति कार्यक्रम
स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान सोना देवी विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने देशभक्ति से जुड़े विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बीफार्म के विद्यार्थी संदीप सिंह देव ने कहा कि देश के विकास के लिए सभी नागरिकों को संवैधानिक मूल्यों का पालन करना चाहिए।
बीफार्म की छात्रा मौसमी महतो ने देशभक्ति गीत पर आधारित नृत्य प्रस्तुत किया। वहीं बीफार्म की छात्रा दीपा कुमारी ने कहा कि देश के सभी नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता और शिक्षा का अधिकार गरिमामय वातावरण में मिलना चाहिए।
बांग्ला विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. प्रियंजना बनर्जी ने हिंदी में ‘ए वतन वतन मेरे आबाद रहे तू’ गीत प्रस्तुत किया, जिसने कार्यक्रम में देशभक्ति का माहौल और मजबूत कर दिया।
हूल दिवस निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को मिला पुरस्कार
कार्यक्रम के दौरान 30 जून को आयोजित हूल दिवस निबंध प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता के विजेताओं में अंकित कुमार, संजना मुंडा, लक्ष्मी मुर्मू और सीमा महतो शामिल रहे।
समाज में योगदान देने का संदेश
इस अवसर पर सिस्टर निवेदिता यूनिवर्सिटी के प्रो. राणा मजुमदार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने समाज में सकारात्मक योगदान देने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सफलता का वास्तविक अर्थ यही है कि व्यक्ति अपने समाज के लिए कितना योगदान देता है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय परिवार में उत्साह और देशभक्ति का माहौल देखने को मिला। सभी ने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करते हुए देश और समाज के विकास में योगदान देने का संकल्प लिया।





