जसीडीह-गोड्डा नई रेल लाइन परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण मामलों की हुई समीक्षा
गोड्डा। समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में उपायुक्त लोकेश मिश्रा की अध्यक्षता में गोड्डा-महागामा-जसीडीह रेल परियोजना से संबंधित भू-अर्जन कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जसीडीह-गोड्डा-महागामा 97 किलोमीटर नई ब्रॉडगेज रेल लाइन परियोजना से जुड़े भू-अर्जन की प्रगति, भूमि हस्तांतरण, मुआवजा भुगतान, रैयतों से संबंधित लंबित मामले, सरकारी भूमि, संरचना एवं पेड़-पौधों के मुआवजे सहित विभिन्न विभागों से प्राप्त होने वाले अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई।
जसीडीह-गोड्डा-महागामा परियोजना में भू-अर्जन की स्थिति
बैठक में जानकारी दी गई कि परियोजना के तहत कुल 391.9 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण से संबंधित कार्य प्रचलित है। समीक्षा के दौरान बताया गया कि 69 मौजों की लगभग 168.89 हेक्टेयर भूमि का कब्जा संबंधित उपयोगकर्ता एजेंसी को हस्तांतरित किया जा चुका है।
परियोजना के लिए प्राप्त एवं वितरित मुआवजा राशि की भी समीक्षा की गई। उपलब्ध विवरण के अनुसार अब तक लगभग 245.07 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई है, जिसमें से लगभग 244.45 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। करीब 61.64 लाख रुपये की राशि लंबित है। उपायुक्त ने लंबित राशि के भुगतान से जुड़े मामलों की नियमानुसार जांच करते हुए शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया।
बैठक में बताया गया कि अधिकांश मुआवजा राशि का भुगतान किया जा चुका है, जबकि शेष लंबित राशि मुख्य रूप से विवादित जमाबंदी एवं विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामलों से संबंधित है।
महागामा-मेहरमा क्षेत्र की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि कुल 29 मौजों में से 28 मौजों के अवार्ड घोषित किए जा चुके हैं। संबंधित रैयतों के मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए प्राप्त मुआवजा बांड एवं आपत्ति आवेदनों की समीक्षा की जा रही है। उपायुक्त ने प्राप्त आपत्तियों एवं दस्तावेजों का नियमानुसार सत्यापन करते हुए पात्र रैयतों के भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया।
बैठक में गोड्डा-महागामा क्षेत्र में 11.68 हेक्टेयर सरकारी भूमि से संबंधित प्रथम चरण के कार्यों की भी समीक्षा की गई। इसमें लगभग 2.22 हेक्टेयर भूमि से संबंधित पुनर्वैधीकरण (Revalidation), रैयती भूमि, लैंड एवं ट्री मुआवजा, संरचना डिमांड नोट तथा अतिरिक्त रिक्विजिशन से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने लंबित NOC एवं विभागीय स्तर पर लंबित प्रक्रियाओं को संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर शीघ्र पूरा कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि भू-अर्जन से संबंधित सभी लंबित प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि परियोजना के कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो।
महागामा-मेहरमा परियोजना के द्वितीय चरण के अंतर्गत लगभग 21.22 हेक्टेयर और 5.64 हेक्टेयर, कुल 26.86 हेक्टेयर भूमि से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की गई।
बैठक में अपर समाहर्ता इन्दर कुमार, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी ओम प्रकाश यादव, रेलवे विभाग के पदाधिकारीगण तथा भू-अर्जन से जुड़े कर्मी उपस्थित रहे।





