गोड्डा: सावन की अंतिम सोमवारी पर शिवपुर स्थित बाबा रत्नेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में डाकबम पहुंचे। इस दौरान उमस भरी गर्मी, लंबी दूरी तक लगातार पैदल चलने और निर्जला उपवास के कारण कई श्रद्धालुओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई। करीब आधा दर्जन डाकबमों के बेहोश होने से कुछ देर के लिए मंदिर परिसर और रास्ते में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
सभी बीमार श्रद्धालुओं को तत्काल गोड्डा सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनका इलाज शुरू किया। बताया गया कि डाकबम भागलपुर से गंगाजल लेकर लगातार पैदल शिवपुर स्थित बाबा रत्नेश्वरनाथ मंदिर की ओर बढ़ रहे थे।
गर्मी और उमस के बीच लगातार पैदल चलने तथा निर्जला उपवास के कारण कई श्रद्धालुओं के शरीर में पानी की कमी हो गई। इसी वजह से कुछ डाकबम रास्ते में चक्कर खाकर गिर पड़े।
वहीं, कुरमन गांव की ज्योति कुमारी और हरियारी निवासी सुधीर कुमार शिवपुर मंदिर में पूजा-अर्चना के दौरान अचानक अचेत होकर गिर गए। मौके पर मौजूद लोगों और परिजनों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को संभाला और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।
सदर अस्पताल में चिकित्सकों ने सभी श्रद्धालुओं का प्राथमिक उपचार किया और जरूरत के अनुसार सलाइन चढ़ाया गया। चिकित्सकों के अनुसार, अत्यधिक गर्मी, उमस, लंबी पैदल यात्रा और शरीर में पानी की कमी के कारण श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ी थी।
इलाज के बाद सभी डाकबमों की स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और चिकित्सकों के अनुसार वे खतरे से बाहर हैं। सावन की अंतिम सोमवारी पर शिवपुर स्थित बाबा रत्नेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी थी। स्थानीय लोगों और परिजनों की तत्परता से बीमार पड़े श्रद्धालुओं को समय पर अस्पताल पहुंचाकर इलाज उपलब्ध कराया गया।





